अफ़ग़ान नेता को हिलेरी की चेतावनी

हिलेरी क्लिंटन
Image caption हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि अमरीका की अफ़ग़ान नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है

अमरीकी विदेश मंत्रि हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान चुनाव में जीतनेवाले किसी भी नेता को देश की समस्याओं के हल के लिए और बहुत कुछ करना होगा.

उन्होंने कहा कि यदि हामिद करज़ई की जीत होती है तो उन्हें अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के साथ ही नहीं बल्कि अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान की सहायता करनेवाले देशों के साथ नए तरह के संबंध विकसित करने होंगे.

बीबीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि अमरीका बड़ी शिद्दत से अफ़ग़ान चुनाव के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहा है जिसमें बड़े पैमाने पर धाँधली के आरोप के कारण देर हो रही है.

अभी तक घोषित प्रारंभिक परिणामों में बताया जा रहा है कि हामिद करज़ई को 55 प्रतिशत वोट मिले हैं और वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला से अच्छे-ख़ासे अंतर से आगे चल रहे हैं जिन्हें 28 प्रतिशत वोट मिले हैं.

हिलेरी ने साथ ही अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजे जाने के बारे में लिए जानेवाले फ़ैसले में हो रही देरी पर अमरीकी सरकार का बचाव भी किया.

दरअसल ओबामा सरकार को लेकर इन दिनों ये छवि बनती जा रही है कि अफ़ग़ानिस्तान में उसका अभियान बिखरना शुरू हो रहा है.

नए संबंध

अमरीकी विदेश मंत्री ने बीबीसी को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि हामिद करज़ई कई मोर्चों पर बहुत सहायक रहे हैं लेकिन चुनौतियाँ इतनी बड़ी हैं कि उसकी तुलना में उपलब्धियों पर ध्यान नहीं जाता.

लेकिन साथ ही उन्होंने कहा,"हम इस बारे में भी बेहद स्पष्ट हैं कि यदि चुनाव में वे दोबारा निर्वाचित होते हैं तो उनके और अफ़ग़ानिस्तान के लोगों और उनकी सरकार तथा अफ़ग़ानिस्तान की मदद करनेवाली दूसरी सरकारों के बीच एक नए तरह का संबंध बनना ज़रूरी होगा."

इंटरव्यू में हिलेरी क्लिंटन ने इस बात पर बल दिया कि अल क़ायदा और तालेबान को लेकर अमरीका की नीति में कोई परिवर्तन नहीं आया है लेकिन उसपर कैसे अमल किया जाए इसपर विचार किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि अमरीका सरकार अफ़ग़ानिस्तान नीति की जो समीक्षा कर रही है उसमें महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान की दिशा में काफ़ी प्रगति हुई है.

उन्होंने कहा,"किसी को भी हमारे संकल्प और हमारे नेतृत्व पर संदेह नहीं करना चाहिए. हम अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं और हम तबतक नहीं बैठेंगे जबतक कि हम अल क़ायदा को परास्त नहीं कर देते. लेकिन हम समझदारी से आगे बढ़ना चाहते हैं."

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका और नेटो सेनाओं के कमांडर जेनरल स्टैनली मैक्क्रिस्टल ने अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति और वहां सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने की जो माँग की है उसके बारे में हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि वह बड़ी तस्वीर का केवल सीमित पक्ष है.

उन्होंने कहा कि चूँकि अफ़ग़ानिस्तान में दाँव पर लगी चीज़ें इतनी बड़ी हैं कि सरकार जितना संभव हो उतना सही फ़ैसला करना चाहती है.

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