पिंडी, लाहौर और अब पेशावर, पाक पर निशाना

  • 15 अक्तूबर 2009
Image caption पुलिस ने एक हमलावर को काबू में कर लिया

पाकिस्तान के लाहौर शहर में गुरूवार की सुबह बंदूकधारियों ने तीन हमले किए हैं जिसमें अबतक 37 लोगों की मौत हो चुकी है. गुरूवार को ही पेशावर में भी एक बड़ा हमला हुआ है.

लाहौर में कुछ अज्ञात लोगों ने संघीय जांच एजेंसी के कार्यालय और दो पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों पर हमला किया है. मुठभेड़ में हमलावर भी मारा गया है.

पहला हमला शहर के केंद्र में स्थित संघीय जांच एजेंसी के कार्यालय पर चार हमलावरों ने किया और भीषण गोलीबारी की. जबकि दूसरा हमला शहर के केंद्र में स्थित दो पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों पर हुआ.

पुलिस अधिकारी हैदर अशर ने बीबीसी को बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने सुबह साढ़े नौ बजे के करीब शहर की पैम्पल रोड पर स्थित संघीय जांच एजेंसी पर हमला किया. सुरक्षाकर्मियों की जवाबी गोलीबारी में दो हमलावर और तीन पुलिसकर्मी मारे गए.

पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में दो आम नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें गंगाराम हॉस्पीटल भरती करवाया गया. पुलिस ने बताया कि संघीय जांच एजेंसी के कार्यलय में अभियान पूरा हो चुका है.

ध्यान रहे कि इस से पहले 2008 में इस कार्यालय पर आत्मघाती हमला हुआ था जिस में 20 के करीब लोग मारे गए थे.

एक अनुमान के मुताबिक पिछले दो हफ़्तों में पाकिस्तान में हुए आत्मघाती हमलों में 122 लोगों की मौत हुई है.

पाकिस्तान गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा, “सेना मुख्यालय पर हमले के बाद मैंने कहा था कि और भी हमले हो सकते हैं और इस हमले की कड़ियाँ पहले हुए हमलों से मिलती हैं.”

पुलिस ने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने शहर के दक्षिण में स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र पर गोलीबारी की है लेकिन वहाँ किसी के हताहत होने की ख़बरें नहीं मिली हैं.

हमलों में तेज़ी

रहमान मलिक ने कहा है कि चरमपंथ से निपटने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है.उनका कहना था, "ये छापामार युद्ध की तरह है. आने वाले दिनों में भी हमला हो सकता है."

लाहौर स्थित बीबीसी संवाददाता अली सलमान के अनुसान पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में हमलावरों के ख़िलाफ अभियान पूरा हो चुकी है जिस में चार हमलावर और पांच पुलिसकर्मी मारे गए हैं जबकि दूसरे पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में हमलावरों से मुक़ाबला जारी है.

वहीं पंजाब के क़ानून मंत्री राना सानाउल्लाह का कहना है कि इसे सुरक्षा इंतज़ाम में कमी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और हालात नियंत्रण में है.

पाकिस्तान में पिछले कुछ दिनों में हमले तेज़ हुए हैं.

अभी तीन दिन पहले ही पाकिस्तानी फ़ौज के एक काफ़िले पर हुए संदिग्ध आत्मघाती हमले में कम से कम चालीस लोग मारे गए थे. मारे जाने वाले लोगों में ज्यादातर आम शहरी थे.

हमलावरों ने फ़ौजी काफ़िले पर तब निशाना लगाया था जब वो पश्चिमोत्तर क्षेत्र में शांगला इलाक़े के एक भीड़भाड़ वाले बाज़ार के पास से गुज़र रहा था.

जबकि 11 अक्तूबर को तो चरमपंथियों ने ने रावलपिंडी में पाकिस्तानी सेना मुख्यालय में कई लोगों को बंधक बना लिया था.

कई घंटों की मेहनत के बाद 39 बंधकों को छुड़ाया जा सका था और इस अभियान के दौरान तीन बंधक और चार चरमपंथी मारे गए थे.

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