तालेबान के ख़िलाफ़ ज़मीनी हमला

  • 17 अक्तूबर 2009
पाकिस्तानी सेना
Image caption तालेबान के ख़िलाफ़ अभियान में पाक सेना के 30 हज़ार सैनिक हिस्सा ले रहे हैं.

पाकिस्तानी सेना ने क़बायली इलाक़े दक्षिण वज़ीरिस्तान में तालेबान लड़ाकों के ख़िलाफ़ ज़मीनी हमला शुरु कर दिया है. हमला शुरू होने के बाद इस इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने इस्लामाबाद के कुछ पत्राकारों को वज़ीरिस्तान में तालेबान ख़िलाफ़ होने वाले सैन्य अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "रात दक्षिण वज़ीरिस्तान में सेना ने ज़मीनी कार्रवाई शुरु कर दी है और यह छे से आठ हफ़्तों तक जारी रह सकती है."

पेशावर से प्राप्त समाचार के अनुसार तीस हज़ार के क़रीब सैनिक तालेबान के ख़िलाफ़ इस अभियान में हिस्सा ले रहे हैं जिन्हें टैंकों और वायुसेना की मदद हासिल है. पर वायुसेना को अभी इस्तेमाल नहीं किया गया है.

जनरल अतहर ने कहा कि सेना ने वज़ीरिस्तान के इलाक़े रज़मक, जंडोला और वाना के इलाक़े शकई में महसूद इलाक़ों की तरफ़ अभियान तेज़ कर दिया है.

उन्होंने बताया कि वज़ीरिस्तान में एक हज़ार से पंद्राह सौ विदेशी चरमपंथी मौजूद हैं जिनमें अधिकतर उज़बेक हैं.

सेना के अनुसार पाकिस्तान में हो रहे 80 प्रतिशत हमलों की योजना वज़ीरिस्तान में तैयार की जाती है और इन हमलो में महसूद क़बीले के लोग शामिल हैं.

सेना ने बताया है कि तालेबान लड़ाकों के साथ झड़पों में उस के दो विभिन्न काफ़लों पर वज़ीरिस्तान में हमले हुए हैं. पहला हमला रज़मक इलाक़े में हुआ जब कि दूसरा जंडोला के पास हुआ है और दोनों हमलों में चार सैनिक मारे गए हैं जबकि 12 के क़रीब घायल हो गए हैं.

विस्थापन की समस्या

अभियान के बाद वजीरिस्तान आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया और इलाक़े में करफ्यू लागू कर दिया गया है और वज़ीरिस्तान से काफ़ी लोग विस्थापित हो रहे हैं.

Image caption पाक सैन्य कार्रवाई के बाद वज़ीरिस्तान से लोग भाग रहे हैं

सूचना एवं प्रसारण मंत्री क़मर ज़मान क़ायरा के मुताबिक़ 30 हज़ार के क़रीब परिवारों के विस्थापित होने की संभावना है.

उन्हों ने बताया कि सरकार ने विस्थापितों के रहने के इंतेज़ाम पहले ही कर लिए हैं और डेरा इस्लाईल ख़ान में उन के पंजीकरण का काम भी शुरु हो चुका है.

उन्होंने बताया कि महसूद क़ाबीले के आठ हज़ार के करीब परिवार टाँक शहर पहुँच चुके हैं. ध्यान रहे कि टाँक शहर वज़ीरिस्तान से सटा हुआ है और यह पश्चिमोत्तर प्रांत का हिस्सा है.

वज़ीरिस्तान में सैन्य कार्रवाई का फ़ैसला गत्त रात प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया था जिसमें सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक़ परवेज़ कियानी ने बैठक को अभियान के बारे में विवरण दिया था.

इस बैठक में आईएसआई के प्रमुख अहमद शुजा पाशा, मंत्रियों, विपक्ष के नेताओं और वरिष्ट अधिकारियों ने भाग लिया था.

बैठक के कुछ घंटों बाद सेना ने वज़ीरिस्तान में ज़मीनी कार्रवाई शुरु कर दी थी.

इस दौरान ये ख़बरें हैं कि सेना के दो विभिन्न क़ाफ़लों पर बम हमले हुए हैं जिसमें तीन सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं और तीन के क़रीब घायल भी हुए हैं. पहला हमला जंडोला और दूसरा रज़मक के इलाक़े में किया गया जहाँ सैन्य अभियान चल रहा है.

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