क्या करज़ई दोबारा बहुमत साबित करेंगे?

  • 18 अक्तूबर 2009
हामिद करज़ई
Image caption हामिद करज़ई पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है

अमरीकी सेनेटर जॉन केरी ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे स्पष्ट होने से पहले वहाँ अतिरिक्त अमरीकी सैनिक टुकड़ियाँ भेजा जाना ग़ैर-ज़िम्मेदारी होगी.

उनकी टिप्पणियाँ ऐसे समय आई हैं जब विदेश मंत्रालय अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई पर यह ज़ोर डाल रहा है कि उन्हें हो सकता है दोबारा चुनाव में हिस्सा ले कर अपना बहुमत साबित करना पड़े.

धोखाधड़ी की एक जाँच में समझा जा रहा है कि दूसरे दौर से बचने के लिए जिस 50 प्रतिशत की दरकार है उससे करज़ई के मिले वोट कम ही रहेंगे.

उधर अमरीका में इस बात को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में 40, 000 अतिरिक्त सैनिक भेजे जाएँ.

अमरीकी और अन्य अंतरराष्ट्रीय सैनिक टुकड़ियाँ अफ़ग़ानिस्तान में दोबारा सक्रिय हुए तालेबान लड़ाकों से मुक़ाबला कर रहे हैं. पर्यवेक्षकों का मानना है कि 20 अगस्त को हुए चुनाव में अनिश्चितता से इन प्रयासों को धक्का लगा है.

ग़ैर-जिम्मेदारी का क़दम

काबुल से सीएनएन को एक इंटरव्यू देते हुए सेनेटर केरी ने कहा कि जब तक यह नहीं पता चलता कि अफ़ग़ानिस्तान में अगला राष्ट्रपति कौन बनेगा, तब तक वहाँ अन्य सैनिक भेजना राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए एक ग़ैर-ज़िम्मेदाराना क़दम होगा.

उन्होंने कहा, "हम एक ऐसी सरकार को देख रहे हैं जो बदल सकती है तो राष्ट्रपति यह कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने अतिरिक्त सैनिकों की मांग की है और हम उस पर अमल कर रहे हैं".

जॉन केरी सीनेट की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष हैं और इस सप्ताह काबुल में अफ़ग़ान नेताओं के साथ हुई एक बैठक में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि की हैसियत से शामिल हुए थे.

अगस्त के चुनाव के प्रारंभिक नतीजों में करज़ई को 55 प्रतिशत वोट मिलते बताया गया है जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह को 28 फ़ीसदी वोट मिले हैं.

लेकिन संयुक्त राष्ट्र का समर्थन प्राप्त चुनाव शिकायत आयोग ने चुनाव में व्यापक धांधली की शिकायतें मिलने पर जाँच के आदेश दिए थे.

वह अपनी जाँच के नतीजे स्वतंत्र चुनाव आयोग, आईईसी को सौंपेगा जो अंतिम नतीजे तैयार करेगा और लगता है कि उससे करज़ई के कुल मतों की गिनती 50 प्रतिशत से नीचे पहुँच जाए और दोबारा चुनाव कराना पड़े.

अधिकारियों का कहना है कि हामिद करज़ई दोबारा चुनाव की संभावनाओं से अंत्यंत क्रुद्ध हैं और उन्होंने इस प्रकार के प्रयासों को अवरुद्ध करने की चेतावनी दी है.

उन्होंने स्वतंत्र चुनाव आयोग की रिपोर्ट को जारी किए जाने से पहले उसे स्वीकार किए जाने से इंकार कर दिया है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलैरी क्लिंटन और ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने प्रमुख उम्मीदवारों से टेलीफ़ोन पर बात की और हामिद करज़ई से कहा कि वह धांधली के बारे में ईसीसी के जाँच परिणामों को स्वीकार करें.

अपेक्षा की जा रही थी कि चुनाव शिकायत आयोग जाँच के नतीजों को शनिवार को सार्वजनिक कर देगा लेकिन करज़ई के साथ जिस तरह टकराव की ख़बरें आ रही हैं उससे लगता है कि नतीजों की आधिकारिक घोषणा में विलंब हो सकता है.

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