हकीमुल्लाह के गाँव पर कब्ज़ा

हकीमुल्लाह महसूद
Image caption हकीमुल्लाह महसूद तहरीक-ए- तालेबान के प्रमुख हैं

पाकिस्तानी सेना ने तहरीक-ए-तालेबान के प्रमुख हकीमुल्लाह महसूद के पैतृक गाँव कोटकई को अपने क़ब्ज़े में कर लेने का दावा किया है.

पाकिस्तान के कबायली इलाक़े दक्षिणी वज़ीरिस्तान में पिछले एक हफ़्ते से तालेबान लड़ाकों और पाकिस्तानी सेना के बीच संघर्ष छिड़ा हुआ है.

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान में स्थित इस गाँव को कब्ज़े में करने की कार्रवाई में सेना के तीन जवान और चार चरमपंथी मारे गए हैं.

ग़ौरतलब है कि तालेबान के एक बड़े लड़ाके क़ारी हुसैन का पैतृक गाँव भी कोटकई ही है.

एक समाचार एजेंसी से बातचीत में सैन्य अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा बलों ने पिछली रात कोटकई पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया था. यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि यह तालेबान का गढ़ है, हकीमुल्लाह महसूद और क़ारी हुसैन का पैतृक गाँव है."

हालांकि इन इलाक़ों में पत्रकारों के जाने पर पाबंदी है और किसी स्वतंत्र स्रोत से इस ख़बर की पुष्टि नहीं हुई है.

चरमपंथियों के गढ़ में सेना

दक्षिणी वज़ीरिस्तान को इस्लामी चरमपंथियों का मुख्य गढ़ माना जाता है.

दक्षिण वज़ीरिस्तान में हकीमुल्लाह महसूद एक ऐसे गुट का नेतृत्व करते है जिसे सबसे बड़ा चरमपंथी बल माना जाता है. आशंका है की इस गुट में 15 हज़ार हथियारबंद लड़ाके हैं.

सेना का कहना है कि संघर्ष वाले इलाक़े से लगभग एक लाख आम नागरिक पलायन कर चुके हैं.

उधर पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों का कहना है कि कबायली बाजौड़ इलाक़े में एक अमरीकी ड्रोन हमले में 14 संदिग्ध चरमपंथी मारे गए.

पाकिस्तानी सेना ने कोटकई को इस हफ़्ते की शुरूआत में कुछ समय के लिए अपने क़ब्ज़े में कर लिया था, लेकिन मंगलावर को तालेबान ने पलटवार किया जिसमें स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक सेना के सात जवान मारे गए.

हालांकि बाद में सेना ने कोटकई के ईर्द-गिर्द सैन्य अभियान की दृष्टि से महत्वपूर्ण हिस्सों को अपने क़ब्ज़े में करने का दावा किया था.

बीबीसी के इस्लामाबाद संवाददाता मार्क डेमेट ने बताया कि अब दूर दराज़ के पहाड़ी इलाक़ों की तरफ़ संघर्ष का रुख होगा क्योंकि सेना चरमपंथियों के गढ़ में घुसती जा रही है.

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