पाकिस्तान में रेडक्रॉस की शिकायत

पाकिस्तानी सैनिक
Image caption पाकिस्तान की सेना तालेबान के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही है

अंतरराष्ट्रीय राहत संस्था रेड क्रॉस का कहना है कि दक्षिण वज़ीरिस्तान के उस क्षेत्र में जहाँ पाकिस्तान की सेना तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ मुहीम चला रही है, वहाँ राहतकर्मियों को नहीं जाने दिया जा रहा है.

रेड क्रॉस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि उन इलाकों में आम नागरिकों के मरने वालों की संख्या लगातार और तेज़ी से बढ़ रही है.

अधिकारी का ये भी कहना था कि उन क्षेत्रों में चल रही भारी लड़ाई की वजह से राहतकर्मियों को वहाँ जाने पर रोक है.

इस अधिकारी का बयान एक दिन में आया है जबकि पाकिस्तान के उत्तर में हुए अलग अलग बम धमाकों में कम से कम 23 लोग मारे गए हैं.

दक्षिण एशिया में रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति के एक उच्च अधिकारी ज़ाक डे मायो का कहना है कि उन लोगों से आ रही ख़बरों के आधार पर, जो दक्षिण वज़ीरिस्तान और उत्तरी पाकिस्तान के उन दूसरे इलाकों से भाग कर आ रहे हैं, जहाँ संघर्ष चल रहा है, ये कहा जा सकता है कि आम नागरिकों के हताहत होने की संख्या काफी ज़्यादा बढ़ी है."

ज़ाक डे मायो ने पत्रकारों से कहा, "जो हम देख रहे हैं, उसके मुताबिक़ आम नागरिकों के मरने की संख्या में चिंताजनक इज़ाफ़ा हुआ है."

ज़ाक डे मायो का कहना था कि "ज़रुरतमंदों तक मदद जल्द से जल्द पहुंचनी चाहिए. हमारा मानना है कि बिना रोक टोक के उपयोगी और कारगर मेडिकल सुविधा पहुँचाना बेहद ज़रूरी है, और उसके बाद आवश्यकता है विस्थापितों के साथ सहयोग करने की."

ज़ाक डे मायो ने ये भी कहा कि इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए ज़रूरी है कि राहतकर्मियों को आसानी से मदद पहुँचाने की सुविधा दी जाए.

सेना की दलील

बीबीसी के संवाददाता एम इलियास ख़ान ने इस्लामाबाद से कहा है कि फ़िलहाल राहतकर्मियों और पत्रकारों के दक्षिण वज़ीरिस्तान जाने पर रोक है.

इलियास खान ने ये भी कहा है कि सेना ये दलील दे सकती है कि उन इलाकों में जाना अब भी ख़तरनाक है, खासकर उन राहत एजेंसियों के लिए जिन्हें पहले भी चरमपंथियों ने निशाना बनाया है.

पिछले सप्ताहांत पाकिस्तान ने दक्षिण वज़ीरिस्तान के इलाके में तालेबान के गढ़ माने जानेवाले क्षेत्रों में सैनिक कार्रवाई शुरू की थी.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार इस्लामाबाद में कहा गया है कि फ़िलहाल राहतकर्मियों और पत्रकारों के दक्षिण वज़ीरिस्तान जाने पर रोक है.

इस क्षेत्र के बारे में ये माना जाता है कि वहाँ आत्मघाती हमलावरों के कई प्रशिक्षण शिविर भी हैं.

पाकिस्तान की सेना के मुताबिक़ इन इलाकों में जबसे सैनिक कार्रवाई शुरू हुई है तबसे हज़ारों की संख्या में आम नागरिकों ने इन इलाकों से सुरक्षित क्षेत्र की ओर पलायन किया है.

तालेबान ने इस कार्रवाई के जवाब में पूरे पाकिस्तान में कई हमले किए हैं, जिनमें करीब 200 लोग मारे गए हैं.

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