पाकिस्तान में दो हमले, पेशावर भी थर्राया

पाकिस्तान (सुरक्षाबल)
Image caption पिछले एक महीने के दौरान चरमपंथी हमलों में तेज़ी आई है और सुरक्षा का सवाल चुनौती बन गया है

पाकिस्तान में शुक्रवार को दो अलग अलग चरमपंथी हमलों में कम से कम सात लोग मारे गए हैं और 15 से ज़्यादा लोग घायल हो गए हैं.

पहला हमला राजधानी इस्लामाबाद के पास स्थित एक एयरबेस को निशाना बनाकर किया गया. इस आत्मघाती हमले में कम से कम सात लोग मारे गए और आठ लोग घायल हो गए.

इसके कुछ घंटों बाद पेशावर में एक रेस्टोरेंट के बाहर हुए धमाके में लगभग आठ लोग घायल हो गए हैं. घायलों में से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.

एयरबेस पर हुए आत्मघाती हमले में मरनेवालों में दो सुरक्षाकर्मी और पाँच अन्य शामिल हैं.

इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता हारून रशीद के मुताबिक शुक्रवार की सुबह ही इस्लामाबाद से कुछ 60 किलोमीटर के फासले पर स्थित इस एयरबेस के पास यह हमला हुआ है.

जिस जगह यह एयरबेस स्थित है वो कामरा कस्बे का क्षेत्र है. यह अटोक ज़िले में आता है. अटोल के डीपीओ फ़खर सुल्तान ने हमले के बारे में पत्रकारों को बताया कि यह एक आत्मघाती हमला था.

पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है. दो सुरक्षाकर्मियों और पांच नागरिकों के शव बरामद किए गए हैं. एक शव हमलावर का माना जा रहा है. हमलावर कम उम्र का लड़का है और उसका सिर बरामद कर लिया गया है.

बताया जा रहा है कि हमलावर ने इस एयरबेस और एरोनॉटिक कॉम्पलेक्स में दाखिल होने की कोशिश की. इसके बाद उसने खुद को धमाके से उड़ा दिया जिससे कुछ और लोग भी उसकी चपेट में आ गए.

हमलों पर चिंता

पेशावर में हुए हमले के बारे में जानकारी देते हुए एआईजी (बम निरोधक दस्ता) शफ़कत मलिक ने कहा कि सभी नमूने इकट्ठा करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि हमला रिमोट कंट्रोल की मदद से किया गया है.

उन्होंने कहा कि देश में इस वक़्त जंगी माहौल है लेकिन हालात और चुनौतियों से निपटने के संभव प्रयास प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं.

शुक्रवार को पहले हमले का निशाना बना पाकिस्तान एरोनॉटिक्स का एयरबेस एक अहम और संवेदनशील केंद्र माना जाता है. वहाँ के हमले ने भी लोगों के बीच चरमपंथी कार्रवाइयों के प्रति भय और बढ़ाया है.

पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है. देश के कई हिस्सों में लगातार चरमपंथी हमलों और संघर्ष की ख़बरें आती रही हैं.

पाकिस्तान में इस महीने में हुए चरमपंथी हमलों में 180 से भी ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

इससे पहले भी सरकार ने कहा है कि पिछले सभी हमलों के तार वज़ीरिस्तान से जुड़े हुए हैं. सरकार मानती है कि इस तरह के आत्मघाती हमलावर वज़ीरिस्तान में ही तैयार होते हैं.