अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव अभियान शुरू

अब्दुल्लाह और करज़ई
Image caption पहले दौर के मतदान में सीधा मुक़ाबला इन दोनों उम्मीदवारों के बीच रहा था

अफ़गानिस्तान में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर का प्रचार अभियान शुरू हो गया है.

राष्ट्रपति के चुनाव के पहले दौर में धाँधलियाँ हुई थीं. यह पाया गया था कि करज़ई को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. इसी के बाद चुनाव शिकायत आयोग ने देश में दोबारा चुनाव कराने की सिफारिश की थी.

दूसरे दौर का मतदान सात नवंबर को होगा. इस दौर में राष्ट्रपति हामिद करज़ई को केवल पूर्व विदेश मंत्री और पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह का सामना करना होगा.

हालाँकि राष्ट्रपति के चुनाव के पहले दौर में प्रत्याशी रहे अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह का कहना है कि अगर पहले दौर में शामिल रहे चुनाव कर्मियों को निलंबित नहीं किया जाता है तो वो दूसरे दौर के मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे.

अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह के प्रवक्ता का कहना है कि स्वतंत्र चुनाव आयोग पहले दौर में शामिल रहे अधिकारियों के बदले ऐसे लोगों को लाए जिन पर दोनों उम्मीदवारों की सहमति हो.

धांधली रोकने के प्रयास

इस बीच अफ़ग़ानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक का कहना है कि अगस्त में हुए राष्ट्रपति चुनाव की तुलना में इस दौर में कम धाँधलियों की आशा की जा सकती है.

रिचर्ड हॉलब्रुक ने वॉशिंगटन में संवाददाताओं से कहा है, "ऐसे कई कारण हैं जिससे उम्मीद की जा सकती है कि इस दौर के चुनाव में कम धाँधलियाँ होंगी, पहला केवल दो उम्मीदवार हैं, दूसरे धाँधली का अनुभव है, तीसरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें हैं."

माना जा रहा है कि दूसरे दौर के मतदान में अधिकारियों की कोशिश होगी कि पहले दौर जैसी गड़बड़ियाँ दोहराई न जा सके. चुनाव शिकायत आयोग का कहना है कि वो चुनाव करानेवाले हज़ारों कर्मियों को निलंबित करने जा रहा है और चुनाव केंद्रों की संख्या भी घटा रहा है.

दूसरी ओर तालेबान ने दूसरे दौर के मतदान का बहिष्कार किया है और धमकी दी है कि जो लोग मतदान में शामिल होंगे तो उनपर हमला किया जाएगा.

काबुल में बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हैवीलैंड का कहना है कि राजधानी में दूसरे दौर के मतदान को लेकर आम लोगों में मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है.

अफ़ग़ानिस्तान के राजनेताओं की भी राय मिलीजुली है. कुछ का कहना है कि चुनाव अनिवार्य हैं तो कुछ की राय है कि ये चुनाव पश्चिमी देशों की ओर से थोपा गया है.

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