ड्रोन हमले में 14 'चरमपंथी' मरे

बाजौड़
Image caption बाजौड़ में चरमपंथ विरोधी कार्रवाई के कारण लोगों को विस्थापित भी होना पड़ा है

पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े बाजौड़ में अमरीकी मानवरहित विमान ने तालेबान के एक संदिग्ध ठिकाने पर हमला किया जिसमें 14 लोग मारे गए हैं, मरने वालों में कुछ विदेशी नागरिक भी हैं.

स्थानीय प्रसाशन के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि अमरीकी जासूसी विमानों ने शनिवार की सुबह साढ़े ग्यारह बजे के करीब डमाडोला के करीब चौकरा पर प्राक्षेपास्त्र हमला किया.

उनके मुताबिक हमले में 14 चरमपंथी मारे गए हैं जिनमें विदेशी भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि मरनेवालों में बाजौड़ में तालेबान के प्रमुख मौलाना फक़ीर मोहम्मद का भतीजा और एक और रिश्तेदार भी शामिल हैं.

अधिकारी ने बताया कि हमले के समय चरमपंथी गुफा में अपनी एक बैठक में व्यस्त थे जबकि मौलाना फक़ीर मोहम्मद 10 मिनट पहले ही वहाँ से निकल गए थे.

उन्होंने आगे कहा कि मरनेवालों में अधिकतर अहम चरमपंथी शामिल हैं और उनकी पहचान बाद में की जाएगी. अधिकारी के मुताबिक मरनेवालों में स्वात के तालेबान भी शामिल हैं.

बाजौड़ में संघर्ष

ग़ौरतलब है कि बाजौड़ इलाक़े में काफी समय बाद कोई अमरीकी हमला हुआ है. इससे पहले डमाडोला में एक घर और बाद में एक मदरसे पर दो अलग अलग हमले हुए थे जिसमें कई लोग मारे गए थे.

डमाडोला और उसके आसपास का इलाक़ा तालेबान का गढ़ समझा जाता है और यहाँ से कुछ फासले पर एक पहाड़ी है जहाँ से अफगानिस्तान के प्रांत कुनड़ की सीमा शुरु होती है.

बाजौड़ के बारे में कहा जाता है कि यहाँ अरब और स्थानीय चरमपंथी मिलकर कुनड़ प्रांत जाते हैं जहाँ पर वह अमरीकी सेना पर हमले करते हैं.

कुछ दिन पहले अमरीका ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान में अल क़ायदा के दो सौ के करीब विदेशी चरमपंथी रह गए हैं जो कुनड़ प्रांत में मौजूद हैं.

संबंधित समाचार