अफ़ग़ानिस्तान में आयुक्त पर मतभेद

राष्ट्रपति करज़ई और अब्दुल्ला अब्दुल्ला
Image caption चुनाव प्रमुख को लेकर राष्ट्रपति करज़ई और अब्दुल्ला अब्दुल्ला में मतभेद गहरा गए हैं.

अफ़गानिस्तान में चुनाव आयोग के प्रमुख को लेकर राष्ट्रपति हामिद करज़ई और उनके प्रमुख विरोधी अब्दुल्ला अब्दुल्ला आमने सामने आ गए हैं.

राष्ट्रपति करज़ई ने देश के चुनाव आयोग के प्रमुख को हटाने की मांग को ख़ारिज कर दिया है.

अफ़गानिस्तान में सात नवंबर को चुनाव का दूसरा दौर होना है और करज़ई के विरोधी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने चुनाव आयोग के प्रमुख को हटाने की मांग की थी.

उल्लेखनीय है कि पहले दौर में धांधली के सबूत मिलने के बाद देश में चुनावों का दूसरा दौर आयोजित हो रहा है.

दूसरी ओर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घोषणा की है कि अफ़ग़ानिस्तान में और अमरीकी सैनिक भेजने के फ़ैसले को लेकर में वो कोई जल्दबाज़ी नहीं करेंगे.

उनका कहना था कि वो तब तक अमरीकी सैनिकों की जान जोखिम में नहीं डालेंगे जब तक की बिलकुल ज़रूरी न हो.

अब्दुल्ला अब्दुल्ला का कहना था कि चुनाव आयोग के प्रमुख अज़ीज़ुल्लाह लुदीन ने चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी है. अज़ीज़ुल्लाह पूर्व में करज़ई के सलाहकार रह चुके हैं.

अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने निष्पक्षता के नियमों का पालन नहीं करने के लिए तीन कैबिनेट मंत्रियों के इस्तीफ़े की भी मांग करते हुए कहा है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए ये क़दम ज़रुरी हैं.

उनका कहना था,"चुनाव आयोग प्रमुख की विश्वसनीयता ख़त्म हो चुकी है. अब चुनाव आयोग से किसी और अधिकारी को उनकी कुर्सी पर बिठाया जाना चाहिए."

उन्होंने कहा,"चुनाव आयोग प्रमुख की विश्वसनीयता ख़त्म हो चुकी है. अब चुनाव आयोग से किसी और अधिकारी को उनकी कुर्सी पर बिठाया जाना चाहिए."

अफ़ग़ानिस्तान में पहले दौर के चुनाव के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों की नियुक्ति राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने की थी लेकिन इस चुनाव में बड़े पैमाने पर धाँधली होने की बात उठी जिसे जाँच में सही भी पाया गया.

चुनाव का दूसरा दौर

अफ़ग़ानिस्तान में सात नवंबर को दूसरे दौर का चुनाव होना है क्योंकि पहले दौर के चुनाव में कोई भी प्रत्याशी 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त नहीं कर पाया.

पहले दौर के चुनाव में प्रारंभिक मतगणना में तो राष्ट्रपति हामिद करज़ई को जीतता हुआ दिखाया जा रहा था लेकिन फिर धाँधली के आरोप के बाद हुई जाँच में बड़े पैमाने पर मतदान को रद्द कर दिया गया जिससे करज़ई बहुमत हासिल नहीं कर सके.

अफ़ग़ानिस्तान में चुनाव प्रावधानों के तहत पहले दौर के चुनाव में निर्णय नहीं होने की स्थिति में दूसरे दौर का चुनाव होता है जिसमें पहले दो नंबर पर रहनेवाले उम्मीदवारों के बीच मुक़ाबला होता है.

धाँधली के आरोपों की जाँच अफ़ग़ानिस्तान शिकायत आयोग ने की जिसे संयुक्त राष्ट्र का समर्थन प्राप्त था.

इस बीच अब्दुल्ला अब्दुल्ला और हामिद करज़ई ने सत्ता में साझेदारी के लिए किसी तरह का समझौता होने की संभावना से भी इनकार किया है.

दोनों उम्मीदवारों ने अमरीकी मीडिया से कहा कि वे दोनों दूसरे दौर के चुनाव के लिए तैयार हैं.

हामिद करज़ई ने एक अमरीकी टीवी चैनल से कहा कि किसी भी तरह का समझौता लोकतंत्र के अपमान के समान होगा.

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