पेशावर धमाके में 91 की मौत

  • 28 अक्तूबर 2009
टीवी फोटो
Image caption पेशावर शहर में इसके पहले भी कई धमाके हुए हैं लेकिन ये सबसे शक्तिशाली था

पाकिस्तान के पूर्वोत्तर शहर पेशावर में हुए धमाके में कम से कम 91 लोग मारे गए हैं और 200 घायल हुए हैं.

ये धमाका ऐसे समय में हुआ है जब अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पाकिस्तान का दौरा कर रही हैं और पाकिस्तानी सेना दक्षिणी वज़ीरिस्तान में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही है.

हिलेरी क्लिंटन ने पत्रकारों से कहा कि क्रूड़ चरमपंथी संगठनों के ख़िलाफ़ लड़ाई में उनका देश पाकिस्तान के साथ है.

हिलेरी के साथ बैठक करने वाले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों से उनके देश का मनोबल नहीं टूटेगा.

तालेबान ने बम धमाके में अपना हाथ होने से इनकार किया है लेकिन सरकार का कहना है कि वज़ीरिस्तान में चल रही कार्रवाई के विरोध में ही ये हमला किया गया है.

बीबीसी संवाददाता शोएब हसन का कहना है कि शायद ही लोग तालेबान के इनकार को गंभीरता से लें क्योंकि कोई और ऐसा संगठन नहीं है जो किसी कारण से इतना बड़ा हमला करेगा.

'चीखते-चिल्लाते लोग'

पेशावर के पीपल मंडी बाज़ार में हुए इस धमाके में कई भवन ध्वस्त हो गए. एक मस्जिद भी ध्वस्त हो गया और कुछ अन्य क्षतिग्रस्त हो गए.

इस बाज़ार में महिलाओं के इस्तेमाल के सामानों की कई दुकाने हैं. मृतकों में अधिकतर महिलाएँ और बच्चे हैं.

एक प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद सिद्दिकी ने कहा, "ये भीषण धमाका था. चारों तरफ़ धुएँ और धूल. मैंने लोगों को चीखते-चिल्लाते सुना और लोगों को मरते हुए देखा."

पेशावर में अस्पताल के अधिकारियों ने लोगों से ख़ून देने की अपील की.

कुछ लोगों की शिकायत थी कि प्रशासनिक महकमा इस तरह के हमलों के बाद की स्थिति से निपटने में अक्षम है.

एक स्थानीय व्यक्ति मुज़मिल जलील का कहना था, "बहुत सारे लगो वहां पड़े थे.हमनें उन तक मदद पहुंचाने की कोशिश की लेकिन कोई एंबुलेंस नहीं था."

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