अफ़ग़ान चुनाव रद्द, करज़ई निर्वाचित

  • 2 नवंबर 2009
हामिद करज़ई
Image caption चुनाव आयोग ने कहा कि पहले दौर के चुनाव में आगे रहे करज़ई अब एकमात्र प्रत्याशी हैं

अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्र चुनाव आयोग ने देश में इस शनिवार को होनेवाला दूसरे दौर का राष्ट्रपति चुनाव रद्द कर हामिद करज़ई को निर्वाचित राष्ट्रपति घोषित कर दिया है.

अफ़ग़ानिस्तान के स्वतंत्र चुनाव आयोग के अध्यक्ष अज़ीज़ुल्ला लुदिन ने काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन में चुनाव रद्द होने और करज़ई के निर्वाचन की घोषणा की.

उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि सात नवंबर के चुनाव को रद्द करने का फ़ैसला बचत करने और अफ़ग़ानिस्तान को और अधिक आघात नहीं लगने देने के उद्देश्य से किया गया है जिससे देश को राजनीतिक और आर्थिक रूप से नुक़सान पहुँच सकता था.

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा,"हम ये घोषणा करते हैं कि हामिद करज़ई जिन्होंने पहले दौरे के चुनाव में अधिक वोट हासिल किए और जो अब दूसरे दौर के चुनाव में एकमात्र प्रत्याशी हैं, वे अफ़ग़ानिस्तान के निर्वाचित राष्ट्रपति होंगे".

चुनाव आयोग ने ये घोषणा हामिद करज़ई के विरोधी अब्दुल्ला अब्दुल्ला के चुनाव से हटने की घोषणा के एक दिन बाद की है.

अफ़ग़ानिस्तान में दूसरे दौर के चुनाव के रद्द होने की ख़बर ऐसे समय आई है जब संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून काबुल का दौरा कर रहे हैं और उन्होंने वहाँ अफ़ग़ान नेताओं से मुलाक़ात की है.

काबुल पहुँचे बान की मून

बान की मून ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में हो रहा चुनाव ऐसे सबसे कठिन चुनावों में से एक है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने सहयोग दिया हो.

पहले दौर के चुनाव में देश भर में हमले करनेवाले तालेबान विद्रोहियों ने दूसरे दौर के चुनाव में भी बाधा डालने की धमकी दी थी.

दूसरे दौर का चुनाव

अफ़ग़ानिस्तान में पहले दौर का चुनाव 20 अगस्त को हुआ था और प्रारंभिक मतगणना में हामिद करज़ई की जीत पक्की बताई जा रही थी.

लेकिन बाद में जाँच में चुनाव में व्यापक धाँधली के आरोपों को सही पाया गया जिसके बाद पहले दौर के चुनाव में कोई फ़ैसला नहीं हो पाया और तब दूसरे दौर के चुनाव की नौबत आई.

ऐसा समझा जा रहा था कि दूसरे दौर का चुनाव करवाने से अफ़ग़ानिस्तान में पूरी चुनाव प्रक्रिया को लेकर कमज़ोर हुई साख को दुरूस्त किया जा सकेगा.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, अमरीकी सेनेटर जॉन केरी, ब्रिटिश प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन जैसे कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने करज़ई को दूसरे दौर का चुनाव करवाने के लिए राज़ी करवाने का प्रयास किया था जिसके बाद वे इसके लिए तैयार हो गए.

पर करज़ई के विरोधी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने आयोग के महत्वपूर्ण चुनाव अधिकारियों को हटाए जाने की माँग की थी. इस चुनाव आयोग को करज़ई समर्थक समझा जाता है.

लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद इस रविवार अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने ये कहते हुए चुनाव से हटने की घोषणा कर दी कि वे नहीं समझते कि दूसरे दौर का चुनाव निष्पक्षता से करवाया जा सकता है.

संबंधित समाचार