पाकिस्तान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

  • 6 नवंबर 2009
Image caption पाकिस्तान का कहना है कि वो आतंकवाद का शिकार है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने भारत को निशाना बनाते हुए कड़े लहज़े में सवाल उठाया है कि पाकिस्तान किस तरह क्षेत्र में आतंकवाद और चरमपंथ को उकसा रहा है जबकि वो ख़ुद इस क्षेत्र में आतंकवाद का सबसे बड़ा निशाना बना हुआ है.

ख़बरों के अनुसार भारतीय विदेश सचिव ने बयान दिया था कि चरमपंथी गुटों को नियंत्रण में रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान पर दबाव डाले.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “आतंकवाद के ख़ातमे के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करता है और पाकिस्तान ने आतंकवाद के ख़ातमे के लिए बड़ी सफलताएँ भी प्राप्त की हैं.”

बयान में आगे कहा गया है, “आतंकवाद केवल पाकिस्तान और भारत की समस्या नहीं है बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए मसला है.”

बयान में भारत सरकार को कड़े शब्दों में पूछा गया है कि वो बताए कि पाकिस्तान किस तरह क्षेत्र में आतंकवाद और चरमपंथ को उकसाता है जबकि पाकिस्तान इस क्षेत्र में आतंकवाद का सब से बड़ा निशाना बना हुआ है.

भारत और पाकिस्तान के बीच तीखे बयान उस समय शुरु हुए जब कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अतहर अब्बास ने पत्रकारों को बताया कि दक्षिण वज़ीरिस्तान में भारत चरमपंथियों को मदद देता है और उसके सबूत भी मिले हैं.

गोलीबारी

उन्होंने कहा था कि तालेबान के गढ़ समझे जाने वाले इलाक़े से सुरक्षाबलों ने भारतीय हथियार और मेडिकल का सामान कब्ज़े में लिया था.

भारत के विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने पाकिस्तान के सभी आरोपों का खंडन किया था और कहा था कि पाकिस्तान में जो कुछ हो रहा है वह उस का अपना किया हुआ है.

उधर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कुछ अज्ञात लोगों ने एक वाहन पर गोलीबारी की जिससे सेना का एक ब्रिगेडियर और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए.

पुलिस के अनुसार सुबह साढ़े नौ बजे एक मोटरसाईकल पर सवार बंदूकधारियों ने उस समय भीषण गोलीबारी की जब ब्रिगेडियर सोहेल अपने घर से निकल रहे थे. गोलीबारी में ब्रिगेडियर और उनका ड्राइवर घायल हो गए.

डॉक्टर नसीर ने बीबीसी को बताया कि ब्रिगेडियर सोहेल के बाजू में गोली लगी है जबकि उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल है.

इस्लामाबाद में पिछले दो सप्ताहों में यह तीसरा हमला है जिसमें ब्रिगेडियर को निशाना बनाया गया है.

इससे पहले कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने सेना की एक गाड़ी पर गोलीबारी की थी जिसमें एक ब्रिगेडियर मोईनुद्दीन हैदर और तीन अन्य सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. दूसरी बार भी ब्रिगेडियर को निशाना बनाया गया लेकिन वे सुरक्षित रहे.

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