जनरल फ़ोनसेका ने लगाए गंभीर आरोप

  • 14 नवंबर 2009
Image caption राजनीतिक पर्यवेक्षक मान रहे हैं कि फोनसेका आने वाले राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार हो सकते हैं

श्रीलंका की सरकार ने जनरल सरथ फ़ोनसेका को रिटायर होने की अनुमति दे दी है. जनरल फ़ोनसेका ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और एक पत्र लिखकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे.

जनरल सरथ फ़ोनसेका ने तमिल छापामार गुट लिट्टे के ख़िलाफ़ एक कामयाब कार्रवाई का नेतृत्व किया था और एलटीटीई की सैन्य शक्ति को तहसनहस कर दिया था.

बीबीसी की सिंहाला सेवा के सरोज पथिराना के अनुसार उन्होंने राष्ट्रपति महेंदा राजपक्षे को लिखे पत्र में विभिन्न कारणों का आलेख किया है और इसे श्रीलंका के अनेक समाचार पत्रों ने छापा भी है.

जनरल फ़ोनसेका ने लिखा है कि उन्हें 'ये विश्वास दिलाया गया था कि उनके नए पद (चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़) ख़ासा प्रभावशाली पद है लेकिन उन्हें गुमराह किया गया था.'

उन्होंने इस विषय में गंभीर चिंता जताई है कि सरकार को लगातार ये शक था कि सेना उसका तख़्तापलट करने जा रही है.

श्रीलंका के अख़बार श्रीलंकन संडे टाइम्स के अनुसार "श्रीलंका की सरकार ने भारत सरकार को संभव तख़्तापलट की कोशिश की जानकारी दी थी और इसके बाद भारत की सेना को 'हाई एलर्ट' पर रखा गया था."

जनरल फ़ोनसेका ने विस्थापित हुए दो लाख तमिलों की दशा पर भी चिंता जताई है.

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