फ़ज़लुल्लाह का फ़ोन: मरा नहीं ज़िंदा हूं

  • 17 नवंबर 2009
Image caption फ़ज़लुल्लाह के लौटने से तालेबान का मनोबल मज़बूत हो सकता है.

पाकिस्तान की स्वात घाटी में तालेबान के नेता मौलाना फ़ज़लुल्लाह ने कहा है कि वो ज़िंदा हैं और अफ़गानिस्तान में हैं.

मौलाना फ़ज़लुल्लाह के बारे में पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि स्वात घाटी में फ़ौजी कार्रवाई के दौरान वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में कहा गया कि उनकी मौत हो गई है.

लेकिन फ़ज़लुल्लाह ने बीबीसी को फ़ोन करके कहा है कि वो ज़िदा हैं और पाकिस्तानी सेना स्वात में सज़ा भुगतने को तैयार रहे.

इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता शोएब हसन का कहना है कि सोमवार की दोपहर में जब फ़ज़लुल्लाह ने फ़ोन किया तो वो उत्साह से भरपूर सुनाई पड़े.

कई महीनों के बाद पहली बार उन्होंने स्वयं किसी पत्रकार से बात की है.

जब स्वात पर पाकिस्तानी सेना ने हमला किया था तो उनका कहना था कि हवाई हमले के दौरान फ़ज़लुल्लाह गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

फिर कुछ रिपोर्टें आईं कि उनकी मौत हो गई है जिसकी सुरक्षा अधिकारियों ने निजी बातचीत के दौरान पुष्टि भी की थी.

Image caption फ़ज़लुल्लाह ने कहा है कि पाकिस्तानी सेना को स्वात में सबक सिखाएंगे.

जब फ़ज़लुल्लाह की तरफ़ से भी कोई बयान नहीं आया तो लोगों को भी लगा कि ये ख़बर सच्ची है.

लेकिन इस टेलीफ़ोन से सभी अनुमान ग़लत साबित हो गए हैं.

फ़ज़लुल्लाह ने इस बातचीत में दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना को सज़ा तो मिलेगी ही अंतत: उनकी पराजय भी निश्चित है.

माना जा रहा है कि उनकी वापसी से तालेबान के मनोबल को मज़बूती मिलेगी.

लेकिन फ़िलहाल इसके आसार कम ही हैं कि चरमपंथी स्वात में इतनी बड़ी हार के बाद पाकिस्तानी सेना को पीछे हटने पर मज़बूर कर सकेंगे.

संबंधित समाचार