अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध की वजह

काबुल में दो बच्चियाँ
Image caption अफ़ग़ानिस्तान में ग़रीबी को लेकर पहले भी चिंता ज़ाहिर की जाती रही है

अफ़ग़ानिस्तान में हुए एक सर्वेक्षण के नतीजे बताते हैं कि वहाँ के नागरिक ग़रीबी और बेरोज़गारी को देश में चल रहे युद्ध की एक बड़ी वजह मानते हैं.

ब्रितानी सहायता एजेंसी ऑक्सफ़ैम ने 704 लोगों से सवाल पूछे और 10 में से सात लोगों ने इन ग़रीबी और बेरोज़गारी को दोष दिया.

इस सर्वेक्षण के अनुसार लोगों ने तालेबानी हिंसा को सरकार के कमज़ोर होने और भ्रष्टाचार की तुलना में कम महत्वपूर्ण माना है.

ऑक्सफ़ैम का कहना है कि इस सर्वेक्षण से पता चलता है कि देश को सैन्य सहायता के अलावा भी बहुत कुछ चाहिए.

युद्ध की क़ीमत

'द कॉस्ट ऑफ़ वार' नाम से किए गए इस सर्वेक्षण में 14 प्रांतों के पुरुषों और महिलाओं दोनों को शामिल किया गया. जनवरी से अप्रैल 2009 में किए गए इस सर्वेक्षण के लिए 14 अन्य स्वयंसेवी संगठनों ने ऑक्सफ़ैम का सहयोग किया.

सर्वेक्षण में पाँच में से एक व्यक्ति ने कहा कि उन्हें कम से कम एक बार प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और 1979 में सोवियत हमले के बाद से दस में से एक को एक बार जेल में रहना पड़ा.

इसमें शामिल छह में से एक व्यक्ति ने कहा कि वह अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने पर विचार कर रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान के लोगों ने माना है कि देश में युद्ध की एक वजह पड़ोसी देशों का हस्तक्षेप भी रहा है.

इस सर्वेक्षण में शामिल हुए नांगरहार के एक व्यक्ति, जिनका नाम सुरक्षा कारणों से प्रकाशित नहीं किया गया है, ने देश के हालात के विवरण दिए हैं.

उन्होंने पलटकर पूछा, "जिस युद्ध में 20 लाख से अधिक लोग मारे गए हों, जिसने 70 प्रतिशत अफ़ग़ानिस्तान को नष्ट कर दिया हो और जिसने हमारी अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया हो, उसने हम पर कैसा असर डाला होगा?"

उनका कहना है, "हमारे आधे से अधिक लोग विक्षिप्त हो गए. तीस से 40 साल का व्यक्ति 70 साल की उम्र का दिखाई देता है. हम हमेशा डर में जीते रहते हैं. हम अफ़ग़ानिस्तान में कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं."

ऑक्सफ़ैम का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान ने लगातार 30 साल तक युद्ध की भयावहता झेली है.

इसमें लाखों लोग मारे गए और लाखों लोगों को घर छोड़कर जाना पड़ा.

ऑक्सफ़ैम की रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान में पूरी एक पीढ़ी ऐसी है जिसने कभी शांति के दिन देखे ही नहीं हैं और अभी भी बहुत से अफ़ग़ान इसके परिणामों से जूझने की कोशिश कर रही हैं.

संबंधित समाचार

संबंधित इंटरनेट लिंक

बीबीसी बाहरी इंटरनेट साइट की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है