पाक की मनमोहन सिंह पर तीखी प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के विदेश मंत्री
Image caption पाकिस्तान ने भारतीय प्रधानमंत्री के बयान पर आपत्ति जताई है

पाकिस्तान ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं मालूम कि वे पाकिस्तान में किस से बात करें.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान में एक मज़बूत लोकतंत्र स्थापित हो चुका है और मनमोहन सिंह अपने समकक्ष से सीधे तौर पर सभी मुद्दों पर बात कर सकते हैं.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर कहा कि आम चुनावों के बाद पाकिस्तान में एक मज़बूत और शक्तिशाली लोकतंत्र स्थापित हो चुका है.

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों के मुताबिक सरकार काम कर रही है और भारत के प्रधानमंत्री पाकिस्तान में अपने समकक्ष यूसुफ़ रज़ा गिलानी से सभी मुद्दों पर बात कर सकते हैं.

'गिलानी से बात करें'

अब्दुल बासित के अनुसार पाकिस्तानी सेना अपना दायित्व बेहतर तरीक़े से निभा रही है.

ग़ौरतलब है कि भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक अमरिकी टीवी चैनल से बातचीत में कहा था कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि पाकिस्तान में बात किससे की जाए क्योंकि लोकतंत्र के बावजूद ताक़त सेना के ही हाथों में है.

उन्होंने कहा था कि वे चाहेंगे कि पाकिस्तान में लोकतंत्र कामयाब हो और वे पाकिस्तान के हालात से काफ़ी चिंतित हैं.

भारतीय प्रधानमंत्री के काबुल पर पाकिस्तानी कब्ज़े के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बात करते हुए कहा कि यह बयान उनकी समझ में नहीं आ रहा है.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अफ़ग़ानिस्तान से हमेशा संबंध बेहतर रहे हैं और पाकिस्तान चाहता है कि अफ़ग़ानिस्तान में अमन और शांति हो क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान की शांति पाकिस्तान के हित में है.

कश्मीर मुद्दे पर बात करते हुए अब्दुल बासित ने कहा कि कश्मीर एक विवादास्पद इलाक़ा है और भारत अकेला इसकी हैसियत में परिवर्तन नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर समस्या का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीरी जनता की इच्छाओँ के मुताबिक चाहता है.

विदेश मंत्रालय ने यह बयान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान के बाद दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीर की सीमा दोबारा रेखांकित नहीं हो सकतीं.

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