'तालेबान के राज में महिलाएँ ज़्यादा सुरक्षित'

अफ़ग़ानिस्तान
Image caption अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने की घोषणा की है

दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सेनाओं के कमांडर जनरल निक कार्टर ने माना है कि तालेबान के शासन में देश की प्रमुख सड़कों पर सुरक्षा वर्तमान समय के मुकाबले में बेहतर थी.

जनरल कार्टर ने बीबीसी को बताया है, "तालेबान के शासन में आप अपनी बेटी को काबुल से कंधार के लिए बस पर चढ़ा कर सुरक्षित महसूस कर सकते थे, लेकिन आज ऐसी स्थिति नहीं है."

उनका कहना था कि राष्ट्रपति बराक ओबामा की नई अफ़ग़ान नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय सेनाओं का ध्यान स्थानीय जनता की सुरक्षा करने पर केंद्रित है और ये सुनिश्चित करने पर केंद्रित है कि मुख्य सड़कों पर आवाजाही आज़ादी से बनी रहे.

जनरल कार्टर का कहना था कि नैटो सेनाओं का ध्यान विशेष तौर पर अफ़ग़ान पुलिस को बेहतर बनाने पर लगा हुआ है.

इटली और सैनिक भेजेगा

उधर ब्रिटेन के बाद इटली ने कहा है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजेगा.

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नैटो देशों से आहवान किया था कि वे भी अमरीका की ही तरह और सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजें. अमरीका ने वहाँ 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने की घोषणा की है.

इतालवी रक्षा मंत्री इग्नाज़ियो ला रुसा ने एक अख़बार को दिए साक्षात्कार में कहा है अगले साल के अंत तक वे एक हज़ार और सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजेंगे.

ब्रिटेन पहले ही वादा कर चुका है कि वह 500 और सैनिक वहाँ भेजेगा.

अब अन्य नैटो देशों पर भी दबाव है कि वे अमरीका की घोषणा के बाद और सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान भेजें.

ग़ौरतलब है कि नैटो के विदेश मंत्री ब्रसल्स में दो दिन की बैठक के लिए मिलने वाले हैं.

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