अमरीका साथ नहीं छोड़ेगा:गेट्स

रॉबर्ट गेट्स
Image caption गेट्स का यह अचानाक अफ़ग़ान दौरा था

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई चेदावनी दी है कि देश की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभाल सकने वाले अपने सुरक्षा बलों का पूरा ख़र्च उठाने की क्षमता हासिल करने में देश को अभी 15 वर्ष का समय लग सकता है.

उधर अचानक काबुल के दौरे पर पहुँचे अमरीका रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान से अपना मुँह नहीं मोड़ेगा और उसे मझदार में नहीं छोड़गा.

अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स के साथ काबुल में मंगलवार को बातचीत के बाद हामिद करज़ई ने उम्मीद जताई कि अमरीका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफ़ग़ान सुरक्षा बलों का ख़र्च उठाने में मदद करते रहेंगे.

ग़ौरतलब है कि रॉबर्ट गेट्स की इस अचानक अफ़ग़ान यात्रा से एक सप्ताह पहले ही राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तीस हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजने की घोषणा की थी.

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन - नैटो ने भी सात हज़ार अतिरिक्त सैनिक मुहैया कराने का वादा किया है.

अमरीका के ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ एडमिरल माइक मुलेन ने गत रविवार को केंचुकी में सैनिकों को संबोधित करते हुए बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा था, "हम जीत नहीं रहे हैं और इसका साफ़ मतलब है कि हम हार रहे हैं, और जब हम हार रहे हैं तो चरमपंथियों को संदेश जा रहा है कि उनकी हालत बेहतर से बेहतर हो रही है और उन्हें और लड़ाके मिल रहे हैं."

इस बीच अफ़ग़ान सुरक्षा की हालत पर मंगलवार को और कठिनाई आई जब ऐसी ख़बरें मिलीं कि अफ़ग़ान अधिकारियों ने ग्रामीणों के एक जुलूस पर गोलीबारी की है जिसमें ये ग्रामीण नैटो हमले में हुई आम लोगों की मौत का विरोध कर रहे थे.

उन ग्रामीणों का आरोप है कि लग़मन प्रांत में अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के एक हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई थी. मृतकों में एक महिला भी थी.

ऐसी ख़बरें हैं कि इस जुलूस पर अफ़ग़ान सुरक्षा बलों ने हवा में गोलियाँ चलाईं लेकिन फिर भी कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने एक वक्तव्य जारी करके लग़मन प्रांत में नैटो सैनिकों के एक हमले में आम लोगों की मौत की आलोचना की है.

लेकिन नैटो ने कहा है कि उसके सैनिकों ने उस समय कार्रवाई शुरू की थी जब तालेबान का पीछा करते हुए उन पर गोलीबारी होने लगी थी. नैटो के अनुसार उस कार्रवाई में सात चरमपंथी मारे गए थे और चार अन्य को पकड़ लिया गया था.

'टिकाऊ साझीदार'

काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन में सोमवार को आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में रॉबर्ट गेट्स ने इस बात पर ख़ास ज़ोर दिया कि अलबत्ता राष्ट्रपति ओबामा ने 18 महीने के भीतर सैनिकों की वापसी की घोषणा कर दी है लेकिन फिर भी अमरीका अफ़ग़ानिस्तान का साथ नहीं छोड़ेगा.

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को लंबे समय का साझीदार बने रहने की ज़रूरत है. हालाँकि रक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि राष्ट्रपति करज़ई को भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए सख़्त कार्रवाई करने की ज़रूरत होगी.

उन्होंने कहा कि करज़ई के मंत्रिमंडल के अनेक मंत्री अपने काम में सक्षम हैं और आगामी कुछ दिनों के भीतर जब नए मंत्रिमंडल की घोषणा की जानी है तो किसी मंत्री को बदलने पर उन्होंने कोई ज़ोर नहीं दिया.

हामिद करज़ई ने कहा कि वह भ्रष्टाचार पर क़ाबू पाने के लिए कटिबद्ध हैं और वो अपने नए मंत्रिमंडल की जानकारी संसद को अगले कुछ दिनों में दे देंगे.

दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर सहमति व्यक्ति की कि अफ़ग़ानिस्तान के सुरक्षा बलों को मज़बूत करने का मामला सर्वोच्च प्राथमिकता पर है ताकि अंतरराष्ट्रीय चरमपंथियों का मुक़ाबला करने में अंतरराष्ट्रीय सेनाओं की मदद की जा सके.

लेकिन हामिद करज़ई ने आगाह करते हुए यह भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान को अपनी सेना और सुरक्षा बलों का पूरा ख़र्चा उठाने की क्षमता हासिल करने में अभी 15 वर्ष का समय लग सकता है. अमरीका चाहता है कि वर्ष 2013 तक अफ़ग़ानिस्तान के पास लगभग चार लाख सैनिक और सुरक्षा बल तैयार हो जाएँ.

हामिद करज़ई ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और अमरीका हमारे निकट सहयोगी होने के नाते, एक सक्षम सेना और सुरक्षा बल तैयार करने में हमारी मदद करते रहेंगे. अफ़ग़ानिस्तान अपनी सेना और सुरक्षा बलों की ज़िम्मेदारी ख़ुद उठाने के लिए सक्षम होने के लिए प्रयासरत है लेकिन इसमें 15 वर्ष का समय लग सकता है."

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