'तैनाती से तालेबान पर काबू पा सकेंगे'

  • 9 दिसंबर 2009
Image caption अमरीकी जनरल ने उम्मीद जताई कि तालेबान पर काबू पाया जा सकेगा

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के शीर्ष कमांडर जनरल स्टेनली मैक्क्रस्टल का कहना है कि 30 हज़ार अमरीकी सैनिकों की तैनाती से तालेबान पर काबू पाने में मदद मिलेगी

उनका कहना था,'' सफलता के लिए कोई राम बाण नहीं है लेकिन सैनिकों की बढ़ोत्तरी से तालेबान की गतिविधियों को थामा जा सकेगा.''

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के शीर्ष कमांडर जनरल स्टेनली मैक्क्रस्टल का कहना है कि 30 हज़ार अमरीकी सेनाओं की तैनाती से तालेबान पर काबू पाने में मदद मिलेगी

अमरीकी कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ओबामा 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर रहे हैं, उसका मतलब है कि सफलता संभव है.

उनका कहना था कि अगले 18 महीने बेहद अहम हैं. उनका कहना था कि इससे ज्यादा सैनिकों की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

साथ ही जनरल मैक्क्रस्टल ने चेतावनी दी कि अफ़ग़ानिस्तान अभियान बेहद कठिन है.

साथ नहीं छोड़ेंगे

इसके पहले अचानक काबुल के दौरे पर पहुँचे अमरीका रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान से अपना मुँह नहीं मोड़ेगा और उसे मझदार में नहीं छोड़गा.

अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स के साथ काबुल में मंगलवार को बातचीत के बाद हामिद करज़ई ने उम्मीद जताई कि अमरीका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफ़ग़ान सुरक्षा बलों का ख़र्च उठाने में मदद करते रहेंगे.

ग़ौरतलब है कि रॉबर्ट गेट्स की इस अचानक अफ़ग़ान यात्रा से एक सप्ताह पहले ही राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 30 हज़ार अतिरिक्त अमरीकी सैनिक अफ़ग़ानिस्तान भेजने की घोषणा की थी.

उत्तर अटलांटिक संधि संगठन नैटो ने भी सात हज़ार अतिरिक्त सैनिक मुहैया कराने का वादा किया है.

काबुल स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में रॉबर्ट गेट्स ने इस बात पर ख़ास ज़ोर दिया कि अलबत्ता राष्ट्रपति ओबामा ने 18 महीने के भीतर सैनिकों की वापसी की घोषणा कर दी है लेकिन फिर भी अमरीका अफ़ग़ानिस्तान का साथ नहीं छोड़ेगा.

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को लंबे समय का साझीदार बने रहने की ज़रूरत है. हालाँकि रक्षा मंत्री ने ये भी कहा कि राष्ट्रपति करज़ई को भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए सख़्त कार्रवाई करने की ज़रूरत होगी.

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