हेडली मामले में एक गिरफ़्तार

ताज पर हमला (फ़ाइल फ़ोटो)

पाकिस्तान सरकार ने अमरीकी नागरिक डेविड हेडली के संबंध में एक गिरफ्तारी की पुष्टि की है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने इस्लामाबाद में पत्रकारों को बताया कि यह एक संवेदनशील मामला है और वे इस संबंध में अधिक विवरण नहीं दे सकते.

डेविड हेडली को अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई ने गिरफ़्तार किया था और उनके ख़िलाफ शिकागो की एक अदालत में मुक़दमा चल रहा है.

डेनमार्क के एक अख़बार पर हमला करने की साज़िश के मामले में डेविड हेडली को अमरीका में गिरफ़्तार किया गया है. इस अख़बार ने पैगंबर मोहम्मद के कार्टून छापे थे.

उन पर यह आरोप भी है कि उन्होंने मुंबई हमलों के स्थान तय करने में मदद की थी. 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए हमलों में 174 लोग मारे गए थे.

एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान ने डेविड हेडली के मामले में एक सेवानिवृत्त मेजर को गिरफ्तार किया है तो उन्होंने जवाब दिया, “इस संबंध में गिरफ्तारी हुई है लेकिन मैं इस समय इस मंच पर ज़्यादा बात नहीं सकता कि कौन गिरफ्तार हुआ है और जाँच में क्या प्रगति हुई है.”

उन्होंने कहा, “आप को पता है कि यह एक संवेनशील मामला है और कोई इस तरह से, इस प्रकार से बात नहीं कर सकता लेकिन आतंकवाद के ख़िलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड ख़ुद बोलता है.”

अब्दुल बासित ने कहा, “हम आतंकवाद और चरमपंथ को जड़ से उखाड़ने में अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पूरा सहयोग दे रहे हैं और यह प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी.”

चिंता

विदेश मंत्रालय ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की रूस यात्रा और वहाँ पर रूस के साथ समझौतों पर भी चिंता व्यक्त की.

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलुचिस्तान में भारतीय हस्तक्षेप पर पूछे गए एक सवाल पर अब्दुल बासित ने कहा, “मैं यह स्पष्ट कर दूँ कि मैं आरोप-प्रत्यारोप में विश्वास नहीं रखता.”

उन्हों ने आगे बताया, “मैं समझता हूँ कि इस विशेष मुद्दे पर हम काफी कह चुके हैं. मैं यह भी साफ कर दूँ कि हम इस संवेदनशील मामले को मीडिया के सामने नहीं लाना चाहते. पाकिस्तान एक पर्याप्त समय पर दिश हित में यह मामला भारत के सामने उठाएगा.”

भारत के साथ समग्र बातचीत पर बात करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच शांति प्रक्रिया फिर से शुरु होना इस क्षेत्र के हित में है.

उन्होंने पाकिस्तान में अल-क़ायदा के नेतृत्व की मौजूदगी की रिपोर्टों को ख़ारिज कर दिया और कहा कि उनके पास इस को लेकर कोई ठोस सबूत नहीं है.

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