गिरफ़्तारी पर एफ़बीआई की नज़र

  • 10 दिसंबर 2009
एफ़बीआई
Image caption एफ़बीआई मामले पर नज़र रखे हुए है

पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने चरमपंथी गुटों से संबंध के संदेह में पाँच लोगों को गिरफ़्तार किया है, जो अमरीका में पढ़ाई कर रहे थे.

वॉशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास का कहना है कि पंजाब प्रांत के सरगोदा में एक छापे के दौरान इन पाँचों छात्रों को हिरासत में लिया गया है.

अमरीकी जाँच एजेंसी फ़ेडेरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगशन (एफ़बीआई) का कहना है कि वह ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं ये वही छात्र तो नहीं हैं, जो पिछले महीने वर्जीनिया से लापता बताए जा रहे थे.

पकड़े गए पाँच छात्रों में से तीन पाकिस्तानी बताए जा रहे हैं, जबकि एक मिस्र और एक यमन का बताया जा रहा है.

एफ़बीआई के प्रवक्ता इयन केली ने कहा, "अगर ये लोग अमरीकी नागरिक हैं, तो हम ये जानने को उत्सुक होंगे कि उन्हें किन आरोपों में हिरासत में लिया गया है और उन्हें किन परिस्थितियों में पकड़ा गया है."

जानकारी

एफ़बीआई का कहना है कि एजेंसी को इन गिरफ़्तारियों का पता है और वह लापता छात्रों के परिवारों से भी संपर्क में है.

वॉशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास का कहना है कि जिस घर से पाँचों को गिरफ़्तार किया गया है, यह घर उनमें से एक के चाचा का है.

दूतावास के अधिकारियों का कहना है कि इस घर पर स्थानीय पुलिस की पहले से ही नज़र थी लेकिन अभी तक गिरफ़्तार लोगों के ख़िलाफ़ कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं हुआ है.

अमरीका के वर्जीनिया प्रांत में पाँच छात्रों के लापता होने की रिपोर्ट आई थी. ये घटना नवंबर के आख़िरी सप्ताह की है.

इन छात्रों के परिवार वालों ने कथित तौर पर यूएस काउंसिल फ़ॉर अमरीकन-इस्लामिक रिलेशंस के सदस्यों को एक वीडियो दिया था.

इस संस्था के नेता निहाल अवाद का कहना है कि ये वीडियो एक 'विदाई समारोह' जैसा लगता है. उन्होंने समाचार एजेंसी एपी को बताया, "वीडियो में दिखने वाले एक व्यक्ति ने दुनिया में चल रहे संघर्ष का ज़िक्र किया और कहा कि युवा मुसलमानों को कुछ करना चाहिए."

उन्होंने कहा कि वीडियो देखकर वे विचलित हुए और उन्होंने उस व्यक्ति के परिवारवालों को यह सलाह दी कि वे एफ़बीआई से संपर्क करें.

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