'आईएसआई पर असैनिक नियंत्रण नहीं'

आसिफ़ अली ज़रदारी
Image caption पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई फ़ौजी नियंत्रण में काम करती है

पाकिस्तान के राष्ट्रपति और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष असिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि परिस्थितियाँ ऐसी हैं कि फ़िलहाल इंटर सर्विसेज़ इंटेलीजेंस (आईएसआई) को असैनिक नियंत्रण में देना संभव नहीं है.

एक स्थानीय सिंधी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में गुरुवार को राष्ट्रपति ने कहा कि गुप्तचर एजेंसी को असैनिक नियंत्रण में देने के मामले में सभी राजनीतिक शक्तियों में सहमति है, फिर भी परिस्थितियों ऐसी हैं कि इस मामले में देर हो रही है.

ज़रदारी का कहना था कि पाकिस्तान में एस्टेब्लिशमेंट (सत्ता प्रतिष्ठान) का मतलब कोई एक संस्था नहीं बल्कि एक विचार है.

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में एस्टेब्लिशमेंट एक मानसिकता है."

फ़ौज समझ चुकी है

आसिफ़ अली ज़रदारी का कहना था, "जब एस्टेब्लिशमेंट की बात करते हैं तो लोगों का ध्यान एक एजेंसी की ओर जाता है मगर एस्टेबलिशमेंट समय-समय पर विभिन्न लोगों को इस्तेमाल करती रही है, कभी रोईदाद ख़ान, तो कभी सज्जाद अली शाह तो कभी फ़ार्रूक़ लग़ारी को सामने लाया जाता है".

उनका कहना था कि फ़ौज का ये समझना कि लोकतांत्रिक सरकार और उनके ख़िलाफ़ कोई साज़िश हो रही है तो ये उनकी राजनीतिक सोच है.

इसके विषय में राष्ट्रपति ज़रदारी ने कहा, "हमने उन्हें बता दिया है कि सिविलियन का ही शासन होना चाहिए, अब वो समझ गए हैं कि हमारी सोच सही है."

उन्होंने कहा कि गुप्तचर रिपोर्ट के अनुसार बेनज़ीर की हत्या बैतुल्लाह महसूद समूह ने ही कराया और वो उन रिपोर्टों को ख़ारिज नहीं करते.

राष्ट्रपति ज़रदारी ने आशूरा (दसवीं मुहर्रम) के दिन कराची में हुए धमाके की निंदा करते हुए कहा कि ये धमाका बेनज़ीर के पैतृक गाँव गढ़ी ख़ुदाबख़्श में उनके भाषण की प्रतिक्रिया है, जिसमें उन्होंने 'नॉन-स्टेट एक्टर्स' की जबरदस्त आलोचना की थी.

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