धमाके में मरने वालों की संख्या 90 हुई

पाकिस्तान
Image caption धमाके में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं

पाकिस्तान में अधिकारियों का कहना है कि सूबा सरहद में एक वॉलीबॉल मैच के दौरान हुए आत्मघाती हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 90 हो गई है.

धमाके में बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं और कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है. आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

ये आत्मघाती हमला लक्की मारवाट शहर के निकट हुआ जो उत्तरी और दक्षिणी वज़ीरिस्तान के इलाक़ों के क़रीब है.

अधिकारियों के मुताबिक़ आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी मैदान की ओर ले गया और धमाका कर दिया.

घटना

उस समय वहाँ क़रीब 200 लोग वॉलीबॉल का मैच देख रहे थे. धमाका इतना तगड़ा था कि आसपास की कई इमारतें तबाह हो गईं. कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है.

माना जा रहा है कि मरने वालों में कई स्थानीय नेता भी हैं, जो तालेबान के ख़िलाफ़ बोलते रहे हैं.

यह इलाक़ा तालेबान का गढ़ माना जाता था. लेकिन पाकिस्तान की सेना की कार्रवाई के बाद चरमपंथी यहाँ से खदेड़ दिए गए थे.

पाकिस्तान के उत्तरी और दक्षिणी वज़ीरिस्तान में कई महीनों से पाकिस्तान की सेना तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई चला रही है.

ज़िला पुलिस प्रमुख मोहम्मद अयूब ख़ान ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "गाँव के लोग दो टीमों के बीच चल रहा मैच देख रहे थे. इसी बीच आत्मघाती हमलावर विस्फोटकों से भरी गाड़ी लेकर वहाँ आया और धमाका कर दिया."

कार्रवाई

उन्होंने कहा कि यहाँ के स्थानीय लोग चरमपंथियों को खदेड़ने की कोशिश में लगे थे और हो सकता है कि इसके बदले में यह हमला हुआ हो.

इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता अलीम मक़बूल का कहना है कि माना जा रहा है कि मारे गए लोगों में स्थानीय शांति समिति के कई सदस्य भी हो सकते हैं.

ये लोग इलाक़े में हिंसा ख़त्म करने के लिए अभियान चला रहे थे. इस ग्रुप के एक सदस्य मुश्ताक़ मारवात ने पाकिस्तान के जियो टीवी को बताया कि धमाका उस समय हुआ जब पास की एक मस्जिद में समिति की बैठक चल रही थी.

उत्तरी और दक्षिणी वज़ीरिस्तान तालेबान चरमपंथियों का गढ़ रहा है और ये चरपमंथी सूबा सरहद और पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान पर हमला करते रहे हैं.

कुछ महीने पहले पाकिस्तान की सेना ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान शुरू किया है.

संबंधित समाचार