करज़ई के मंत्रिमंडल पर मतदान

हामिद करज़ई
Image caption मंत्रिमंडल पर संसद की मुहर ज़रुरी है

अफ़ग़ानिस्तान में संसद में राष्ट्रपति हामिद करज़ई के प्रस्तावित मत्रिमंडल पर मतदान चल रहा है.

राष्ट्रपति ने पिछले 19 दिसंबर को मंत्रिमंडल के 24 में से 23 सदस्यों के नामों की घोषणा की थी. अब तक विदेश मंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है.

करज़ई पर पश्चिमी देशों का दबाव है वो कि नए मंत्रिमंडल में ऐसे लोगों को मौक़ा दें जो भ्रष्टाचार को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबद्ध हों.

पिछले दिनों हुए राष्ट्रपति के चुनाव में हामिद करज़ई को विजय मिली थी और वो लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति बने हैं.

देश में व्याप्त भ्रष्टाचार और सुरक्षा जैसे मुद्दों के बीच नए मंत्रिमंडल पर संसद में मतदान अगले कुछ घंटों तक जारी रहेगा.

परिवर्तन का दबाव

नए मंत्रिमंडल में उन्होंने अपने कई पुराने सहयोगियों को मौक़ा दिया गया है. गृह, वित्त और रक्षा जैसे प्रमुख मंत्रालयों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

स्वास्थ्य और कृषि मंत्रियों को भी नहीं बदला गया है, हालाँकि विदेशों से आने वाला अधिकतर धन इन्हीं मंत्रालयों को मिलता है.

अफ़ग़ानिस्तान में 24 सदस्यीय मंत्रिमंडल का गठन किया जाता है और प्रत्येक सदस्य के लिए अलग-अलग गुप्त मतपत्र होता है.

शनिवार को संसद में मतदान की कार्यवाही कुछ समय के लिए तब बाधित हुई जब कुछ सांसदों ने गुप्त मतदान पर एतराज़ जताया. उनका कहना है कि मतदाताओं को ये जानने का हक़ है कि उनके प्रतिनिधियों ने किसे वोट किया है.

करज़ई ने पिछले मंत्रिमंडल में भ्रष्टाचार में लिप्त कई मंत्रियों को नए मंत्रिमंडल में मौक़ा नहीं दिया है, हालाँकि आलोचकों का कहना है कि पुराने मंत्रिमंडल को ही दोबारा मौक़ा दिया जा रहा है और इससे करज़ई की मुश्किलों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है.

करज़ई के नए मंत्रिमंडल में एक महिला को भी शामिल किया गया है और उन्हें महिला मामलों का मंत्रालय ही दिया गया है.

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