'शायद नहीं संभल सके अफ़गानिस्तान'

Image caption हालात बिगड़ रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने चेतावनी जारी की है कि अफ़गानिस्तान में हालात इतने ख़राब हो सकते हैं कि वो फिर कभी संभल नहीं सके.

महासचिव बान की मून ने कहा है कि हाल के विवादास्पद चुनाव, एक कमज़ोर सरकार और हिंसा में ज़बरदस्त तेज़ी इन सबने अफ़गानिस्तान में मायूसी का माहौल पैदा कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र की तरफ़ से अफ़गानिस्तान पर जारी एक नई रिपोर्ट में बान की मून ने ये बयान दिया है.

पिछले दिनों में अफ़गानिस्तान में हिंसा में काफ़ी तेज़ी नज़र आई है और राजनीतिक माहौल भी उथलपुथल भरा रहा है.

इस स्थिति को एक नाज़ुक पड़ाव का नाम देते हुए बान की मून ने कहा, ``यदि अफ़गानिस्तान के सहयोगी तालिबान को हराना चाहते हैं और वर्तमान सरकार को मज़बूत करना चाहते हैं तो फिर ये स्थिति जारी नहीं रह सकती.’’

उन्होंने अमरीका की तरफ़ अफ़गानिस्तान में फ़ौज में बढ़ोतरी के फ़ैसले को सही ठहराया लेकिन साथ ही स्थिति को संभालने के लिए कई और सुझाव दिए.

Image caption बान की मून का कहना है कि अफ़गानिस्तान में मायूसी का माहौल है.

उनमें से एक है एक ग़ैर फ़ौजी अधिकारी की नियुक्ति जो विदेशी सैनिकों के साथ तालमेल बना सके.

दूसरा सुझाव है एक ऐसे विकास तंत्र का गठन जो संयुक्त राष्ट्र और अफ़गानिस्तान सरकारसाझा रूप से चलाएं.

इसके अलावा बान की मून का कहना था कि अफ़गानिस्तान सरकार और अंतरराष्ट्रीय दानकर्ता एजेंसियों को भी अपने रूख में बदलाव लाना होगा.

उनका कहना था कि इस प्रक्रिया से जुड़ी सभी पार्टियों को इस बात की कोशिश करनी होगी कि अफ़गानिस्तान अपने पांवों पर खड़ा हो सके नहीं तो ख़तरा इस बात का है कि स्थिति फिर कभी न संभले.

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