'संयुक्त राष्ट्र का दावा स्वीकार नहीं'

वीडियो
Image caption संयुक्त राष्ट्र जाँचकर्ता ने वीडियो को प्रामाणिक बताया

श्रीलंका के एक अधिकारी का कहना है कि वह अब भी उस वीडियो को प्रामाणिक नहीं मानते, जिसमें कथित रूप से श्रीलंका के सैनिकों को तमिल विद्रोहियों को गोली मारते दिखाया गया है.

ब्रिटेन में श्रीलंका के उच्चायुक्त निहाल जयासिंघे ने कहा कि वे अब भी ये नहीं समझ पा रहे हैं कि कोई दावे के साथ ये कैसे कह सकता है कि वीडियो में गोली चलाने वाले लोग श्रीलंका के सैनिक ही हैं.

उन्होंने कहा कि ये भी दावा नहीं किया जा सकता कि वीडियो में नंगे दिखने वाले लोग तमिल विद्रोही ही हैं.

श्रीलंका के उच्चायुक्त का यह स्पष्टीकरण संयुक्त राष्ट्र के एक जाँचकर्ता फिलिप एल्सटन के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि विशेषज्ञ इस बात पर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि वीडियो प्रामाणिक है.

मांग

उन्होंने इस मामले की स्वतंत्र जाँच कराने की भी मांग की. लेकिन निहाल जयसिंघे ने इस मांग को ठुकरा दिया है और कहा है कि श्रीलंका एक संप्रभु राष्ट्र है.

बीबीसी और दूसरे मीडिया संस्थानों को 'जर्नलिस्ट फॉर डेमोक्रेसी' नाम की एक संस्था ने यह वीडियो उपलब्ध करवाया था.

इस वीडियो में एक सैनिक को एक निहत्थे निर्वस्त्र व्यक्ति को गोली मारते दिखाया गया था. साथ ही इस वीडियो में यह भी दिखाया गया था कि कुछ शव ज़मीन पर पड़े हुए हैं.

दावा किया गया था कि इसे 2009 में जनवरी के महीने में फ़िल्माया गया था, जब श्रीलंका के सैनिकों और तमिल विद्रोहियों के बीच युद्ध अंतिम चरण में था.

श्रीलंका सरकार ने अपनी एक जाँच के बाद कहा था कि ये वीडियो झूठा है.

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