भविष्य को लेकर आशावादी हैं अफ़ग़ान

अफ़गानिस्तान
Image caption अफ़गानिस्तान के लोग तालिबान से ख़ासे नाराज़ दिखे हैं

अफ़गानिस्तान में तालिबान के साथ सरकारी सेनाओं के संघर्ष के बीच अफ़गान जनता अपने भविष्य को लेकर आशान्वित है.

बीबीसी, अमरीका की एबीसी न्यूज़ और जर्मनी के एआरडी शो के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि अफ़गानिस्तान के दो तिहाई से अधिक लोग मानते हैं कि देश में हालात सुधर रहे हैं और अगले साल देश की स्थिति बहुत अच्छी होगी.

अफ़गानिस्तान के 34 प्रांतों में 1500 लोगों से सवाल पूछे गए थे जिसमें कई नई बातें सामने आई हैं.

इनमें से 70 प्रतिशत लोगों का मानना था कि देश सही दिशा में जा रहा है. पिछले साल ऐसे ही एक सर्वेक्षण में मात्र 40 प्रतिशत लोगों ने ऐसा माना था.

क़रीब 71 प्रतिशत अफ़गान अपने भविष्य को लेकर आशावादी दिखे जबकि पाँच प्रतिशत लोगों का कहना था कि स्थिति और बदतर होने वाली है.

सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई कि लोगों में तालिबान के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है.

सर्वे में 90 प्रतिशत लोगों का कहना था कि वो चाहते हैं कि देश का शासन वर्तमान सरकार के हाथों में रहे जबकि 69 प्रतिशत का कहना था कि देश के लिए तालिबान सबसे बड़ा खतरा है.

अफ़गानिस्तान में हिंसा के लिए 66 प्रतिशत लोगों ने तालिबान, अल क़ायदा और विदेशी जिहादियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

सर्वे में अधिकतर अफ़गानियों की राय नैटो के बारे में सकारात्मक थी.

पिछले साल हुए राष्ट्रपति चुनावों में विवादों के बावजूद पिछले कुछ समय में अफ़गानिस्तान के लोगों के जीवन स्तर में काफ़ी सुधार हुआ है. देश में मेडिकल सुविधाओं, बिजली और नौकरियों में बढ़ोतरी हुई है.

सर्वेक्षण में 72 प्रतिशत लोगों ने हामिद करज़ई को अच्छा राष्ट्रपति क़रार दिया जबकि पिछले साल 52 प्रतिशत लोगों ने करज़ई को अच्छा कहा था.

इस सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई कि कई लोग सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा मानते हैं. सर्वेक्षण में 76 प्रतिशत लोगों ने भ्रष्टाचार को बड़ी समस्या क़रार दिया जबकि 19 प्रतिशत का कहना था कि यह बहुत बड़ी समस्या नहीं है.

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