'क़ुरान के अपमान' की ख़बर पर ग़ुस्सा

  • 13 जनवरी 2010
Image caption जब से तालिबान के ख़िलाफ़ अभियान तेज़ हुआ है, दक्षिणी अफ़गानिस्तान में हिंसा में भी तेज़ी आई है.

अफ़गानिस्तान के हेलमंद प्रांत में आम लोगों और गठबंधन सैनिकों के बीच झड़प हुई है. लोगों का आरोप है कि सैनिकों ने कुरान की एक प्रति जला दी है.

पुलिस का कहना है कि इस मामले पर गर्मसीर ज़िले में भड़की हिंसा में अबतक कम से कम छह लोग मारे गए हैं.

नैटो के प्रवक्ता ने क़ुरान के अपमान के आरोप का खंडन किया है.

दक्षिणी अफ़गानिस्तान में जब से ब्रितानी और अमरीकी सेना ने तालिबान के ख़िलाफ़ अभियान तेज़ किया है तब से वहां हिंसा में तेज़ी आई है.

मंगलवार को गर्मसीर ज़िले में इस तरह की अफ़वाहें थीं कि गठबंधन सैनिकों ने एक फ़ौजी कार्रवाई के दौरान क़ुरान का अपमान किया है.

ख़बरें हैं कि जैसे ही ये बात फैली हज़ारों लोग जुट गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे.

एएफ़पी समाचार एजेंसी ने पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा है कि इन प्रदर्शनकारियों पर तब गोली चलाई गई जब उनकी तरफ़ से चली गोली से अफ़गान सेना का एक सैनिक मारा गया.

नैटो ने एक बयान जारी करके कहा है कि उनकी सेना ने एक चरमपंथी बंदूकधारी को मार गिराया जब उसने गर्मसीर ज़िले में एक अफ़गान अधिकारी को मार डाला.

आरोप का खंडन

प्रवक्ता ने कुरान के अपमान के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि वो इन आरोपों को गंभीरता से ले रहे हैं और स्थानीय अफ़गान अधिकारियों के साथ इस मामले की साझा तौर पर जांच होगी.

उन्होने कहा कि आम लोगों के मारे जाने की ख़बर की पुष्टि के लिए कोई सबूत सामने नहीं आया है.

गठबंधन सेना के हाथों आम लोगों की मौत ने अफ़गानिस्तान में हमेशा ग़ुस्सा भड़काया है.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने भी पहले ये बयान दिया था कि इस तरह की मौतें चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई को कमज़ोर करती हैं.

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