ड्रोन हमले में 10 चरमपंथी मारे गए

  • 14 जनवरी 2010
चालक रहित विमान (ड्रोन)
Image caption ख़ुफ़िया सूचनाओं के आधार पर ड्रोन से मिसाइल हमले किए जाते हैं

पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर में क़बायली इलाक़े में विमान रहित अमरीकी विमान से किए गए दो मिसाइल हमलों में कम से कम 10 संदिग्ध चरमपंथी मारे गए हैं.

ये हमला उत्तर वज़ीरिस्तान में हुआ है जो अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से लगा इलाक़ा है.

इस इलाक़े को तालेबान और अल-क़ायदा का गढ़ माना जाता है.

संवाददाताओं का कहना है कि मिसाइल हमले गुरुवार की सुबह एक परिसर में किए गए जिसका उपयोग एक धार्मिक स्कूल चलाने के लिए किया जाता था.

उत्तरी वज़ीरिस्तान में इस साल के शुरु से अब तक यह पाँचवा ड्रोन हमला है.

ड्रोन हमले

अमरीका ने वर्ष 2008 के मध्य से चालक रहित विमान (ड्रोन) से हमले शुरु किए थे.

ये हमले पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर तालेबान और अलक़ायदा की गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं.

अमरीका का आरोप रहा है कि पाकिस्तान की सीमा पर क़बायली इलाक़ों से तालेबान अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी और अन्य अंतरराष्ट्रीय फ़ौजों पर हमलों की योजना बनाते हैं और उसे अमलीजामा पहनाते हैं.

इन हमलों में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से कुछ आम नागरिक भी है.

प्रमुख तालेबान नेता बैतुल्लाह महसूद की मौत भी ऐसे ही एक ड्रोन हमले में हुई थी.

पाकिस्तान इन ड्रोन हमलों का विरोध करता रहा है और कहता रहा है कि इससे चरमपंथियों के प्रति समर्थन बढ़ता है.

अमरीका ड्रोन हमलों के लिए कभी भी खुले रुप से ज़िम्मेदारी नहीं स्वीकार करता लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि अमरीकी सेना और सीआईए के ही पास इस तरह के हमलों की क्षमता है.

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