घायल हो गए हैं हकीमुल्ला

हकीमुल्ला महसूद
Image caption हकीमुल्ला महसूद इस समय पाकिस्तान में तालेबान के प्रमुख नेता हैं

पाकिस्तान में तालेबान प्रवक्ता ने स्वीकार किया है कि गुरुवार को हुए अमरीकी ड्रोन हमले में उनके नेता हकीमुल्लाह महसूद घायल हो गए हैं.

इस हमले में हकीमुल्लाह महसूद के मारे जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन तालेबान ने दावा किया था कि वे बच निकलने में क़ामयाब हुए हैं.

इस बीच उत्तरी वज़ीरिस्तान में हुए अमरीकी चालक रहित विमान यानी ड्रोन से किए गए मिसाइल हमले में छह चरमपंथियों के मारे जाने का दावा किया गया है.

उनका कहना है कि इस हमले से चरमपंथियों का एक शिविर नष्ट हो गया है.

उधर अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि नौ जनवरी को हुए मिसाइल हमले में एक प्रमुख तालेबान नेता जमाल सईद अब्दुल रहीम की मौत हो गई है.

जमाल सईद उन चरमपंथियों में से थे जिसकी अमरीकी केंद्रीय जाँच एजेंसी एफ़बीआई को सबसे अधिक तलाश है. उन पर 50 लाख डॉलर का ईनाम था. आरोप है कि 1986 में पैन अमरीकन वर्ल्ड एयरवेज़ के एक विमान के अपहरण में उनका हाथ था.

तालेबान के लिए मुश्किल समय

Image caption बैतुल्लाह महसूद भी एक मिसाइल हमले में मारे गए थे

पिछले साल एक मिसाइल हमले में तालेबान के प्रमुख नेता बैतुल्लाह महसूद मारे गए थे. इसके बाद हकीमुल्लाह महसूद ने तालेबान की कमान संभाल ली थी.

गुरुवार, 14 जनवरी को हुए मिसाइल हमले के बाद जब यह दावा किया था कि इस हमले में हकीमुल्ला महसूह मारे गए हैं तो तालेबान के प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की थी कि उत्तरी वज़ीरिस्तान के जिस पसालकोट क्षेत्र में एक प्रशिक्षण शिविर के अहाते पर हमला हुआ, वहां थोड़ी देर पहले तक हकीमुल्ला महसूद मौजूद थे.

लेकिन अब तालेबान के प्रवक्ता ने स्वीकार किया है कि हकीमुल्लाह महसूद उस हमले में घायल हो गए थे.

हालांकि उन्होंने कहा है कि वे मामूली रुप से ही घायल हुए हैं.

पेशावर में बीबीसी के पूर्व संवाददाता और वरिष्ठ पत्रकार रहीमुल्लाह युसुफ़ज़ई का कहना है कि अगर तालेबान कह रहे हैं कि हकीमुल्लाह घायल हो गए हैं तो यह बैतुल्लाह महसूद की मौत की घटना को याद दिलाता है.

उनका कहना है कि उस समय भी बहुत दिनों तक तालेबान यह कहते रहे कि बैतुल्लाह महसूद घायल हुए हैं लेकिन बाद में उन्होंने मौत की बात स्वीकार की थी.

उनका कहना है कि अगर हकीमुल्लाह घायल भी हैं तो यह तालेबान के लिए मुश्किलों का समय है क्योंकि उन्हें उनके इलाज का इंतज़ाम करना पड़ेगा.

रहीमुल्लाह युसुफ़ज़ई का कहना है कि वज़ीरिस्तान में तालेबान का गढ़ ध्वस्त हो चुका है और तालेबान की हालत इतनी ख़राब इससे पहले कभी नहीं थी.

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