सरथ फ़ोनसेका गिरफ़्तार

जनरल फ़ोनसेका
Image caption तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ जीत में फ़ोनसेका ने अहम भूमिका निभाई थी.

श्रीलंका में हाल ही में हुए राष्ट्रपति चुनाव में पराजित घोषित किए गए जनरल सरथ फ़ोनसेका को सेना ने गिरफ़्तार कर लिया है.

श्रीलंका सरकार ने सोमवार को जारी बयान में कहा है कि जनरल फ़ोनसेका पर 'सैन्य अपराधों' का मामला दर्ज किया गया है.

फ़ोनसेका की पत्नी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें उस समय हिरासत में लिया गया जब वे अपने ऑफ़िस में थे.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बीबीसी को बताया कि फ़ोनसेका की गिरफ़्तारी के दौरान लगभग दो सौ जवान मुस्तैद थे. इनमें से कुछ मशीन गनों से लैस थे.

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक जवान उनके ऑफ़िस में घुसे और उन्हें घसीट कर बाहर ले गए.

सरकार ने इससे पहले उन पर सत्तापलट की साजिश रचने का आरोप लगाया था और उनके कोर्ट मार्शल के लिए क़ानूनी सलाह ली थी.

युद्ध अपराध

राष्ट्रपति चुनाव में फ़ोनसेका का समर्थन करने वाले मुस्लिम लीग के नेता रउफ़ हकीम ने उनकी गिरफ़्तारी की आलोचना की है.

उन्होंने कहा, "उन्हें बेइज्ज़त करके घसीट कर ले जाया गया जो ठीक नहीं है. गिरफ़्तारी तानाशाही और बदले की भावना का सबूत है."

रउफ़ हकीम ने कहा कि सेना पुलिस के हाथों गिरफ़्तारी पर जनरल फ़ोनसेका ने आपत्ति जताई क्योंकि वो अब सेना में नहीं हैं.

इससे पहले फ़ोनसेका ने कहा था कि वह तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में युद्ध अपराध से जुड़े सबूत अंतरराष्ट्रीय अदालत में पेश करने के लिए तैयार हैं.

उनका कहना था, "मैं निश्चित रुप से वो सब बताउंगा जो मैं जानता हूं. जिस किसी ने युद्ध अपराध किया उसे अदालत के सामने लाना ही चाहिए."

चुनाव

चुनाव में जनरल फ़ोनसेका का मुक़ाबला महिंदा राजपक्षे से था. राजपक्षे लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित घोषित किए गए.

राजपक्षे ये आरोप लगा चुके हैं कि फ़ोनसेका ने उनकी हत्या की साजिश रची थी.

कुछ दिनों पहले उनके चुनाव कार्यालय पर भी छापे मारे गए थे और श्रीलंका के रक्षा सचिव ने बीबीसी से कहा था कि सरकार राष्ट्रपति चुनाव में हार चुके जनरल सरथ फ़ोनसेका के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने पर विचार कर रही है.

राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के भाई गोटाभाया राजपक्षे ने कहा था कि जनरल फ़ोनसेका ने कई संवेदनशील सूचनाएँ जनता को दी हैं.

हालाँकि जनरल फ़ोनसेका इन आरोपों को ख़ारिज करते आए हैं.

उन्होंने चुनाव परिणामों को भी ख़ारिज करते हुए बीबीसी से कहा था कि वे अपनी जान को ख़तरा होने की वजह से देश छो़डकर जाना चाहते हैं.

दोनों के बीच तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में भूमिका को लेकर मतभेद पैदा हो गए थे.

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