कराची में हत्याओं का सिलसिला जारी

Image caption कराची में कई जगह पुलिस की मदद के लिए अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं.

पाकिस्तान के कराची शहर में पिछले कई दिनों से हो रही हत्याओं का सिलसिला जारी है और अबतक कम से कम 24 लोग मारे गए हैं.

पुलिस का कहना है कि सोमवार की रात शहर के अलग अलग इलाक़ों में गोलीबारी की घटनाएँ हुइ जिसमें आठ लोग मारे गए.

ये गोलीबारी उन इलाकों में हुई है जहां बंटवारे के बाद भारत से आए मुसलमानों या मोहाजिरों की संख्या ज़्यादा है.

सिंध के गृहमंत्री का कहना है कि ज़रूरत पड़ी तो स्थिति को काबू में करने के लिए सेना को भी बुलाया जा सकता है.

पुलिस ने बताया कि नाज़िमाबाद इलाक़े में कुछ अज्ञात लोगों ने ख़ैबर ख़ान नामक एक व्यक्ति को गोली मार दी जबकि उसी इलाक़े में अपनी बॉलकनी में खड़ा रिज़वान गोलीबारी के दौरान मारा गया.

कई और इलाक़ों से भी भीषण गोलीबारी की ख़बर मिली हैं जिसमें छह लोग मारे गए हैं.

पिछले कुछ दिनों के दौरान इसी तरह की गोलीबारी में 15 लोग मारे गए थे.

अब्बासी शहीद अस्पताल के डॉक्टर मसूद अहमद ने बीबीसी को बताया कि सोमवार की रात पांच लोगों को अस्पताल लाया गया था जिस में तीन पहले ही मर चुके थे और एक की मौत अस्पताल में हो गई.

पुलिस ने बताया कि मरने वालों की उम्र 25 से 30 साल के बीच में थी और कुछ इलाकों में लोगों ने आक्रोश में आ कर गाड़ियों में आग लगा दी है.

टारगेट किलिंग

पाकिस्तानी समाचार माध्यम इन्हें टारगेट किलिंग या निशानेबद्ध हत्याओं का नाम दे रहे हैं.

हत्याओं का ये ताज़ा सिलसिला उस समय शुरु हुआ जब औरंगी टाऊन में अवामी नेशनल पार्टी के कार्यकर्ता अपनी पार्टी का झंडा लगा रहे थे और कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी.

Image caption कराची पहले भी कई बार सांप्रदायिक हिंसा में झुलस चुका है.

इस घटना के बाद शहर के दूसरे इलाकों में भी गोलीबारी हुई और आम नागरिक भी इस का निशाना बने.

ग़ौरतलब है कि उन इलाक़ों में अभी भी तनाव है जहां मोहाजिरों और पठानों की संख्या ज़्यादा है. सब से अधिक गोलीबारी औरंगी टाऊन में हुई और वहाँ सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

पुलिस का कहना है कि औरंगी टाऊन में अवामी नेशनल पार्टी और मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर रुकावटें खड़ी कर दी हैं जिससे पुलिस को उन जगहों पर पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं जहाँ अभी भी गोलीबारी हो रही है.

अवामी नेशनल पार्टी और मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट सिंध प्रांत की पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं. दोनों दल पिछले कई महीनों से एक दूसरे पर इन हत्याओं का आरोप लगाते रहे हैं.

अवामी नेशनल पार्टी का शहर के पठान बहुल इलाक़ों में प्रभाव है जबकि मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट कराची में मोहाजिरों का नेतृत्व कर रही है.

पुलिस के मुताबिक इन हत्याओं का कारण अवामी नेशनल पार्टी और मुत्ताहिदा क़ौमी मूवमेंट के बीच का तनावा हो सकता है लेकिन फ़िलहाल पुलिस केवल हत्याओं की पुष्टि कर रही है.

अभी तक किसी की गिरफ़्तारी या मुक़दमा दर्ज करने की ख़बर नहीं मिली है.

सिंध प्रांत के गृह सचिव कामरान दोस्त ने पत्रकारों को बताया कि शहर के तनावग्रस्त इलाक़ों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अर्धसैनिक बलों को पुलिस की मदद के लिए तैनात किया गया है.

उन्होंने कहा कि शहर में धारा 144 लागू कर दिया गया है और सभी प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

सिंध विधानसभा में इस मामले पर हंगामा हुआ और विपक्ष ने सत्र का बहिष्कार कर दिया है.

प्रश्नकाल के दौरान सिंध के गृह मंत्री ज़ुल्फ़िकार मिर्ज़ा ने बताया कि शहर में स्थिति से निपटने केलिए सेना को भी बुलाया जा सकता है.

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