ड्रोन हमले में दस की मौत

अमरीका का चालक रहित विमान - ड्रोन
Image caption पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों पर भारी नाराज़गी जताई है मगर...

अमरीका के चालक रहित विमानों ने पाकिस्तान के उत्तरी हिस्से में अफ़ग़ान सीमा के निकट मंगलवार को हमले किए हैं जिनमें कम से कम दस लोग मारे गए.

एक स्थानीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि पाँच ड्रोन विमानों ने मीरान शाह के निकटवर्ती इलाक़े में आठ मिसाइल दागे हैं. मीरान शाह उत्तरी वज़ीरिस्तान का एक प्रमुख शहर है.

अधिकारियों ने बताया है कि ड्रोन विमानों के इन हमलों में मारे गए लोगों में कम से कम तीन विदेशी हैं.

अधिकारियों ने कहा है कि ड्रोन विमानों से दागे गए मिसाइल हमलों में आसपास ही बनाए गए दो शिविरों को निशाना बनाया गया जिनके बारे में कहा जाता है कि उनका इस्तेमाल संदिग्ध चरमपंथी करते थे.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने उत्तरी वज़ीरिस्तान में एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से ख़बर दी है, "शुरूआती ख़बरों से पता चलता है कि चार चरमपंथी मारे गए हैं. हताहतों की संख्या इससे ज़्यादा भी हो सकती है."

संवाददाताओं का कहना है कि जैसा कि ऐसे सभी हमलों में होता है, इन ताज़ा हमलों के बारे में भी यह पता नहीं चला है कि निशाना किसे बनाया गया था.

हालाँकि उस इलाक़े को तालेबान और अल क़ायदा के लड़ाकों का गढ़ समझा जाता है लेकिन इस क्षेत्र में अतीत में ड्रोन विमानों के इस तरह के ज़्यादा हमले नहीं हुए हैं.

600 की मौत

उत्तरी वज़ीरिस्तान और दक्षिणी वज़ीरिस्तान पास-पास ही हैं. दक्षिणी वज़ीरिस्तान में वर्ष 2009 में पाकिस्तानी सेना ने तालेबान के ख़िलाफ़ एक बड़ा सैनिक हमला किया था जिसके बाद पाकिस्तान के अनेक इलाक़ों में भी भीषण बम हमले हुए जिनके आरोप तालेबान पर लगाए गए.

अगस्त 2008 के बाद से वज़ीरिस्तान इलाक़े में ड्रोन विमानों के अनेक हमले हुए हैं जिनमें 600 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

आलोचकों का कहना है कि ड्रोन विमानों के इन हमलों में मारे गए लोगों में ज़्यादातर आम नागरिक हैं और अमरीका ने इन हमलों में तब से तेज़ी कर दी है जब दिसंबर 2009 में अफ़ग़ानिस्तान के ख़ोस्त इलाक़े में हुए एक विस्फोट में गुप्तचर एजेंसी सीआईए के आठ जासूस मारे गए थे.

आमतौर पर अमरीकी सेना ड्रोन विमानों के इस तरह के हमलों की पुष्टि नहीं करती है लेकिन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान सरकार को यह स्पष्ट कर दिया है कि उसे उन चरमपंथियों पर रोक लगानी होगी जो क़बायली इलाक़े से अफ़ग़ानिस्तान में दाख़िल होने की कोशिश करते हैं.

पाकिस्तान ने ड्रोन विमानों के इन हमलों की सार्वजनिक तौर पर तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं के चरमपंथियों को अपना समर्थन और दायरा बढ़ाने का अवसर मिलता है.

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