पाकिस्तानी वैज्ञानिक दोषी क़रार

पाकिस्तान की एक महिला वैज्ञानिक को अमरीकी सैनिकों और एफ़बीआई एजेंटों की हत्या करने की कोशिश का दोषी पाया गया है.

न्यूयॉर्क की एक अदालत ने आफ़िया सिद्दीक़ी को हत्या की कोशिश करने का दोषी करार दिया है. आफ़िया पाकिस्तान से हैं और इन्होंने अमरीका में वैज्ञानिक के तौर पर प्रशिक्षण हासिल किया है.

अमरीकी और अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों के मुताबिक आफ़िया को दो वर्ष पहले अफ़ग़ानिस्तान के ग़जनी शहर से पकड़ा गया था.

आफ़िया के पास से उस वक़्त कुछ रसाय़न और कुछ ऐसा साहित्य बरामद हुआ था जिसमें बड़े पैमाने पर हिंसा करने और हत्याएं करने की साज़िश के बारे में अंदाज़ा मिलता था.

इसके बाद इन्हें हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही थी. पूछताछ के दौरान ही इन्होंने एक राइफ़ल से अमरीकी खुफ़िया एजेंसी के एजेंट और अमरीकी सैनिक की ओर निशाना साध दिया.

अमरीकी अधिकारियों का यह भी कहना है कि अमरीका में अपनी पढ़ाई के दौरान भी आफ़िया का ताल्लुक चरमपंथी संगठन अल क़ायदा से था.

डेंजरस वोमन

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता जावेद सूमरो के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2001 में आफ़िया सिद्दीक़ी की गतिविधियों को देखते हुए इन्हें ख़तरनाक महिलाओं की श्रेणी में डाल दिया गया था.

एफ़बीआई ने आफ़िया का डेंजरस वोमन टाइटिल से एक पोस्टर जारी किया था. इसके बाद से आफ़िया लापता हो गई थीं.

उधर आफ़िया का कहना है कि उनपर लगाए गए ये तमाम आरोप ग़लत हैं. उनके चरमपंथी संगठन अल क़ायदा से कोई ताल्लुक नहीं है और उन्हें बेवजह फंसाया जा रहा है.

अमरीका में पाकिस्तानी दूतावास के माध्यम से तीन नामचीन वकीलों को आफ़िया का मुक़दमा देखने के लिए नियुक्त किया गया था. इसके बावजूद आफ़िया के ख़िलाफ़ फ़ैसले को वकील टाल न सके.

आफिया के मामले में सुनवाई और मुक़दमे का ख़र्च भी पाकिस्तान सरकार की ओर से उठाया जा रहा है. अब अमरीका स्थित पाकिस्तानी दूतावास का कहना है कि वो इस फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे.

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