भारत की ओर से सचिव स्तर की वार्ता की पेशकश: पाक

  • 4 फरवरी 2010
भारत और पाकिस्तान के झंडे
Image caption मुंबई हमलों के बाद से भारत-पाक वार्ता पर विराम लगा हुआ है

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की बातचीत की पेशकश की है. ये भी कहा गया है कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर संपर्क की बहाली के लिए कुछ सुझाव पाकिस्तान को मिले हैं.

ग़ौरतलब है कि दोनों देशों के बीच वर्ष 2004 में शुरु हुई समग्र वार्ता का सिलसिला नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमलों के बाद से रुका हुआ है.

भारत बार-बार कहता रहा है कि पाकिस्तान अपनी धरती पर मौजूद उन कथित चरमपंथियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करे जिनपर मुंबई हमलों से संबंधित होने का आरोप है. उधर पाकिस्तान कहता रहा है कि वह हर संभव कार्रवाई कर रहा है और यदि भारत पुख़्ता सबूत सौंपे तो कार्रवाई बेहतर ढंग से हो सकती है.

महत्वपूर्ण है कि भारत ने हाल में कहा था कि भारतीय गृहमंत्री पी चिदंबरम फ़रवरी के अंत में पाकिस्तान जाएंगे जहाँ वे रावलपिंडी में एक क्षेत्रीय बैठक में हिस्सा लेंगे.

इस क़दम के बाद भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी हुर्रियत कॉन्फ़ेंस के उदारवादी गुट के नेता मौलान मोहम्मद अब्बास अंसारी ने कहा, "ये अच्छी बात है, बातचीत होनी चाहिए लेकिन भरोसे और आपसी विश्वास के साथ और पुराने रंज भूलकर होनी चाहिए."

बीबीसी के श्रीनगर संवाददाता अलताफ़ हुसैन के अनुसार मौलान मोहम्मद अब्बास अंसारी ने कहा, "कश्मीरियों की भावनाओं को भी इसमें जगह मिलनी चाहिए. द्विपक्षीय बातचीत से मसला हल नहीं होगा, आगे चलकर कश्मीरियों के प्रतिनिधियों को भी बातचीत में शामिल करना चाहिए."

दूसरी ओर हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के कट्टरपंथी गुट के नेता सईद अली शाह गिलानी कहते आए हैं कि द्विपक्षीय बातचीत से कुछ हासिल नहीं हुआ है और जब भी बातचीत हो ये त्रिपक्षीय होनी चाहिए.

क़ुरैशी ने किया स्वागत

पाकिस्तान के विदेश मंत्रावलय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा, "भारत की ओर से दोनों पक्षों के बीच संपर्क की बहाली के कुछ सुझाव पाकिस्तान की सरकार को मिले हैं. पाकिस्तान इनका जायज़ा ले रहा है....फ़िलहाल इस बारे में तफ़सील के बताना मुनासिब नहीं होगा."

उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने एक पाकिस्तान टीवी चैनल से बातचीत में भारत के क़दम का स्वागत किया है और कहा है कि इस बारे में विस्तृत एजेंडा पर जानकारी जुटाई जा रही है.

शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा, "हमने दिल्ली में अपने उच्चायुक्त को हिदायत दी है कि वे भारतीय विदेश सचिव से मुलाकात करें और एजेंडे के बारे में जानकारी प्राप्त करें."

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