कश्मीर मामले पर 'जिहादी रैली'

सैयद सलाहुद्धीन
Image caption सैयद सलाहुद्दीन ने कहा कि 'कश्मीर समस्या का हल सिर्फ़ जिहाद है'

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ्फ़राबाद में कई चरमपंथी गुटों के नेताओं ने जनसभा का आयोजन किया है.

इस जनसभा में कई चर्चित चरमपंथी नेताओं ने हिस्सा लिया, इनमें जमात उद दावा के नेता अब्दुल रहमान मक्की, हिज़्बुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाहुद्दीन और पाकिस्तानी ख़ुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख हमीद गुल शामिल हैं.

एकजहती-ए-कश्मीर (कश्मीर एकता) के नाम से आयोजित इस सभा का आयोजन ऐसे समय पर किया गया है जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच दोबारा बातचीत शुरू करने की कोशिशें की जा रही हैं.

मुज़फ़्फ़राबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता ज़ुल्फ़िकार अली ने बताया है कि इस सभा के अंत में एक घोषणापत्र जारी किया गया जिसमें पाकिस्तान सरकार से माँग की गई कि वह देश के इस्लामी जिहादी संगठनों पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाए.

इन संगठनों ने अपने साझा बयान में पाकिस्तान सरकार से ये भी कहा कि कश्मीर के अलगाववादी चरमपंथी गुटों की 'राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक मदद' जारी रखी जाए ताकि 'वे भारत से आज़ाद होने की अपनी लड़ाई' को आगे बढ़ा सकें.

भारत और पाकिस्तान के बीच इस महीने के अंत में होने वाली प्रस्तावित बातचीत का कोई ज़िक्र इस सभा में नहीं किया गया लेकिन सभा को संबोधित करने वाले सभी नेताओं ने कहा कि 'जब तक कश्मीर आज़ाद नहीं हो जाता' तब तक उनका 'संघर्ष' चलता रहेगा.

भारत की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए इन सभी नेताओं ने कहा कि भारत से बातचीत करके कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि भारत इस मामले में ईमानदार नहीं है.

हिज़्बुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाउद्दीन ने कहा कि "कश्मीर समस्या का हल सिर्फ़ और सिर्फ़ जिहाद से संभव है, बातचीत से नहीं".

आईएसआई के पूर्व प्रमुख हमीद गुल ने एक भड़काऊ भाषण दिया जिसमें उन्होंने कहा कि परमाणु युद्ध का ख़तरा हो तो भी कश्मीर के मामले में पीछे नहीं हटना चाहिए.

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