शिया मुसलमानों पर हमला, 25 मरे

कराची धमाके की ताज़ा तस्वीर
Image caption शिया मुसलमानों को निशाना बनाकर धमाका किया गया है

पाकिस्तान के कराची शहर में शिया मुसलमानों को निशाना बनाकर हुए हमलों में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 100 लोग घायल हो गए हैं.

पहला धमाका शिया मुसलमानों को ले जा रही एक बस में धमाका हुआ जिसमें कम से कम 12 लोगों की जानें गईं और अन्य 40 लोग घायल हुए.

हमलावर एक मोटरसाइकिल पर सवार था. विस्फोटक से लदी मोटरसाइकिल को हमलावर ने शिया मुसलमानों को ले जा रही बस से टकरा दिया.

इस हमले को एक घंटा ही बीता होगा कि एक और मोटरसाइकिल में भीषण विस्फोट हुआ. यह मोटरसाइकिल बम का हमला उस अस्पताल के पास हुआ जहाँ पहले धमाके में घायल हुए लोगों का ईलाज किया जा रहा था.

इस दूसरे धमाके की चपेट में भी कई लोग आए. कम से कम 13 लोगों के इस धमाके में मारे जाने की जानकारी मिली है.

अस्पताल में एक टीवी सेट में भी बम छिपाकर रखा गया था पर विस्फोट से पहले ही इसे निष्क्रिय कर दिया गया.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक पाकिस्तान भर में सुरक्षा की स्थिति काफी कड़ी कर दी गई है इसके बावजूद हमलावर लोगों को निशाना बनाने में सफल रहे हैं.

शिया बने निशाना

पहला धमाका शुक्रवार को देश के औद्योगिक शहर के एक प्रमुख राजमार्ग शाहराह-ए-फ़ैसल पर हुआ, ये राजमार्ग शहर को कराची हवाई अड्डे से जोड़ता है.

कराची स्थित जिन्नाह अस्पताल के एक डॉक्टर कलीमुल लशारी ने बीबीसी को बताया है कि मरनेवालों में एक बच्चा और कई महिलाएँ शामिल हैं.

पुलिस का कहना है कि जिस बस को निशाना बनाया गया उस में सवार सभी लोग शिया थे. बस इमाम हुसैन के चेहल्लुम के अवसर पर एक धार्मिक जुलूस की ओर जा रही थी. पुलिस के अनुसार बस में अधिकतर महिलाएँ सवार थीं.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी जावेद अकबर के अनुसार आत्मघाती हमलवार ने अपनी मोटरसाकिल खचाखच भरी बस से टकरा दी. इसके बाद ज़ोरदार धमाका हुआ.

धमाके के बाद इलाक़े को पुलिस और अर्थसैनिक बलों ने घेर लिया. इस धमाके के बाद शिया समुदाय के कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है और आक्रोश में आकर कई वाहनों और दुकानों को आग लगा दी थी.

ग़ौरतलब है कि 40 दिन पहले 10 मुहर्रम यानी आशूरा के दिन भी शिया समुदाय के धार्मिक जुलूस पर एक आत्मघाती हमला हुआ था जिस में 43 लोग मारे गए थे.

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