श्रीलंका में संसद भंग करने का फ़ैसला

राजपक्षे
Image caption राजपक्षे को जनवरी में, विपक्ष के विरोध के बीच, राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित घोषित किया गया था

श्रीलंका में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने संसद को भंग कर दिया है और समय से दो महीने पहले आम चुनाव कराने का रास्ता साफ़ कर दिया है.

एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना था, "राष्ट्रपति ने संसद को भंग करने का फ़ैसला किया है जो श्रीलंका के समयानुसार मंगलवार मध्यरात्रि से लागू हो जाएगा."

चुनाव आयुक्त इसके बाद मतदान की तिथि की घोषणा करेंगे.

ग़ौरतलब है कि हाल ही में महिंदा राजपक्षे ने राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में जीत हासिल की थी. हालाँकि उनके प्रतिद्वंद्वी पूर्वा सेनाध्यक्ष सरथ फ़ोनसेका ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.

फ़ोनसेका का कोर्ट मार्शल

अब पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सरथ फ़ोनसेका को गिरफ़्तार कर लिया गया है और विपक्ष ने अपना आगे का रास्ता तय करने के लिए विचार-विमर्श शुरु कर दिया है.

विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सेवानिवृत्त जनरल को गिरफ़्तार नहीं किया गया बल्कि उनका अपहरण किया गया है.

सरकार का कहना है कि उन्हें कोर्ट मार्शल किया जाएगा. उन पर सरकार का तख़्तापलट करने के लिए सेना के नियमों का उल्लंघन कर अपने कार्यकाल के दौरान राजनीतिक नेताओं से चर्चा करने का आरोप लगाया गया है. जनरल फ़ोनसेका इन सभी आरोपों का खंडन कर चुके हैं.

रिटायर होने से पहले जनरल फ़ोनसेका के नेतृत्व में श्रीलंका की सेना ने तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई को ध्वस्त कर दिया था.

ग़ौरतलब है कि उनकी गिरफ़्तारी से कुछ देर पहले उन्होंने पत्रकारों को बताया था कि वे श्रीलंका की सेना और एलटीटीई के बीच हुई जंग के अंतिम चरण में सेना की ओर से कथित तौर पर हुए युद्ध अपराधों के मामले में अंतरराष्ट्रीय जाँच समिति के समक्ष आने के लिए तैयार हैं.

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