कोलंबो में विपक्षी प्रदर्शनकारियो की झड़प

जनरल फ़ोनसेका
Image caption राजपक्षे जनवरी में राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित घोषित हुए थे लेकिन जनरल फो़नसेका ने हार नहीं स्वीकार की थी. विपक्षी दलों ने उनकी गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए हैं.

श्रीलंका में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सरथ फ़ोनसेका की गिरफ़्तारी और राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के संसद भंग करने के बाद, राजधानी कोलंबो में सरकार और विपक्ष के समर्थकों के बीच झड़प हुई है.

कोलंबो में श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट के बाहर पुलिस ने विपक्ष के हज़ारों प्रदर्शनकारियों और सरकार के समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए आँसू गैस का इस्तेमाल किया है.

अधिकारियों के अनुसार इन झड़पों और पुलिस कार्रवाई में कुछ लोग घायल हुए हैं.

विपक्षी दलों को समर्थन देने वाले प्रदर्शनकारी पूर्व सेनाध्यक्ष सरथ फ़ोनसेका की सोमवार को हुई गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

'क़ानूनी कार्रवाई, जनता में जाएँगे'

बुधवार रात को श्रीलंका में राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने संसद को भंग कर दिया था और समय से दो महीने पहले आम चुनाव कराने का रास्ता साफ़ कर दिया था.

संभावना है कि संसदीय चुनाव आठ अप्रैल को कराए जाएँगे.

ग़ौरतलब है कि हाल ही में महिंदा राजपक्षे ने राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में जीत हासिल की थी. हालाँकि उनके प्रतिद्वंद्वी पूर्वा सेनाध्यक्ष सरथ फ़ोनसेका ने हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.

सोमवार को सरकार का तख़्तापलट करने के प्रयास के आरोप में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल सरथ फ़ोनसेका को गिरफ़्तार किया गया था. उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया था.

श्रीलंका के विपक्षी दलों ने कहा है कि वे फ़ोनसेका की गिरफ़्तारी को क़ानूनी चुनौती देंगे.

विपक्षी दलों ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि उन्हें डर है कि जनरल फ़ोनसेका की 'हिरासत में हत्या' हो सकती है.

विपक्ष ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन का आहवान भी किया है. विपक्षी नेता राउफ़ हकीम ने कहा, "हम इस मामले को अदालत में, जनता के सामने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष लेकर जाएँगे."

उधर जनरल फ़ोनसेका की पत्नी को उनसे हिरासत में नौसैनिक मुख्यालय में मुलाकात करने की इजाज़त दी गई है.

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