अफ़ग़ानिस्तान में बड़ा सैन्य अभियान

  • 13 फरवरी 2010
अफ़ग़ानिस्तान (फ़ाइल)

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अफ़ग़ानिस्तान में 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने के फ़ैसले के बाद, हेलमंद प्रांत में अमरीकी सेनाओं ने अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर सबसे बड़ा सैन्य अभियान शुरु किया है.

हेलमंद के मारजाह में हज़ारों अमरीकी सैनिक और अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मी इस अभियान में तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ भाग ले रहे हैं.

बीबीसी के वॉशिगंटन संवाददाता का कहना है कि ये अभियान राष्ट्रपति बराक ओबामा की अफ़ग़ान रणनीति की विश्वसनीयता तय करेगा और राजनीतिक तौर पर बहुत ही महत्वपूर्ण है.

अफ़ग़ान सेना की प्रमुख भूमिका

इस अभियान को ऑपरेशन मुशतरक नाम दिया गया है जिसका मतलब है - 'एक साथ.'

नाद अली ज़िले में स्थित मारजाह से तालेबान का कब्ज़ा ख़त्म करने के मक़सद से अमरीकी मरीन सैनिक हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसका लक्ष्य उस इलाक़े में रह रहे 1.25 लाख लोगों का समर्थन जीतना है और तालेबान को इस पर दोबारा नियंत्रण कायम करने से रोकना है.

बताया जाता है कि मारजाह में चरमपंथियों की संख्या 400 से 1000 तक हो सकती है.

इस ऑपरेशन के शुरु होने से पहले सेनाओं ने नागरिकों को सचेत करने के लिए पर्चे गिराए थे ताकि आम लोग इस जंग की चपेट में न आ जाएँ. इन पर्चों में तालेबान लड़ाकों को चेतावनी दी गई थी कि या तो वे इलाक़ा छोड़कर चले जाएँ, नहीं तो वे मारे जाएँगे.

इसके शुरु होने से पहले अनेक नागरिक इलाक़ा छोड़कर बाहर भागने लगे.

ऑपरेशन 'मुशतरक' का नेतृत्व अमरीकी मरीन सैनिक कर रहे हैं लेकिन इसमें ब्रितानी सैनिक भी भाग लेंगे. कुछ रिपोर्टों के अनुसार पूरे अभियान में लगभग 15 हज़ार सैनिक भाग लेंगे.

इससे पहले शनिवार को मारजाह में प्रारंभिक ऑपरेशन में 4000 मरीन सैनिकों, 1500 अफ़ग़ान सैनिकों और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल करते हुए 300 अन्य अमरीकी सैनिकों ने भाग लिया.

समाचार एजेंसियों के अनुसार अभियान शुरु करने से पहले सेना ने आसमान में रोशनी करने वाली बमबारी की थी.

एक मरीन बटालियन की लीमा कंपनी के कमांडर जोशुआ विनफ़्री ने बताया, "पहले चरण में हेलिकॉप्टर मारजाह के भीतर उतर गए हैं. ऑपरेशन शुरु हो गया है."

ऐसा पहली बार हुआ है कि अफ़ग़ान सेनाएँ भी सैन्य अभियान में आगे बढ़कर योजना बनाने और जंग लड़ने में भाग ले रही हैं.

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