कश्मीर की तुलना फ़लस्तीनी समस्या से

  • 13 फरवरी 2010
युसुफ़ रज़ा गिलानी
Image caption युसुफ़ रज़ा गिलानी ने मध्यपूर्व में शांतिवार्ता रुकने पर भी निराशा जताई है

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी ने कश्मीर के मामले की तुलना फ़लस्तीनी समस्या से करते हुए कहा है कि जब तक ये मसले हल नहीं होते दक्षिण एशिया और मध्यपूर्व में शांति स्थापना नहीं हो सकती.

प्रधानमंत्री गिलानी ने यह टिप्पणी पाकिस्तान के दौरे पर आए फ़लस्तीनी प्रशासन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाक़ात के दौरान की है.

उन्होंने महमूद अब्बास को आश्वासन दिया है कि फ़लस्तीनी लोगों के आत्म निर्णय के अधिकार और स्वतंत्र राष्ट्र की मांग का पाकिस्तान समर्थन करता रहेगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शुक्रवार की शाम महमूद अब्बास से हुई चर्चा में उन्होंने कहा, "फ़लस्तीनी समस्या की प्रतिध्वनि कश्मीर में मिलती है जहाँ लोग आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं."

उन्होंने कहा, "फ़लस्तीनी और कश्मीरी लोग आत्मनिर्णय के न्यायोचित अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं."

गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि इसराइली फ़ौजें यरुशलम सहित सभी फ़लस्तीनी इलाक़ों से हट जाए.

मध्यपूर्व शांति प्रक्रिया में आई रुकावट को लेकर प्रधानमंत्री गिलानी ने निराशा भी जताई है.

महमूद अब्बास ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी से भी मुलाक़ात की है.

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