रॉकेट हमले में आम नागरिक मरे

सैनिक
Image caption नैटो के हमलों में कई बार आम नागरिकों की जानें गई हैं.

नैटो ने इस बात की पुष्टि की है कि अफ़गानिस्तान के हेलमंद प्रांत में चरमपंथियों के ख़िलाफ़ दो रॉकेट हमलों में 12 आम नागरिकों की मौत हो गई है.

ये रॉकेट मारजा गांव के एक घर में गिरे थे. इस इलाक़े में तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ नैटो का अभियान कई दिनों से चल रहा है.

नैटो कमांडर जनरल स्टान्ले मैक्रिस्टल ने कहा कि ‘‘वो आम लोगों की मौत से बेहतर दुःखी है और उन्हें इसका अफसोस है.’’

ऑपरेशन मोशतराक में गठबंधन सेनाओं को काफ़ी फ़ायदा हुआ है और वो चाहते हैं कि इस अभियान के बाद तालेबान पर दबाव जारी रखा जाए.

2001 में तालेबान को सत्ता से हटाए जाने के बाद गठबंधन सेना के अब तक के सबसे बड़े अभियान को मोशतराक नाम दिया गया है जिसका अर्थ स्थानीय दरी भाषा में ‘मिलजुलकर’ होता है.

नैटो के नेतृत्व वाले अभियानों में आम नागरिकों का काफ़ी ध्यान रखा जाता है लेकिन फिर भी इन अभियानों में कई नागरिकों की मौतें हो चुकी हैं.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के कार्यालय से जारी वक्तव्य में नागरिकों की मौत की जांच की मांग की गई है. कार्यालय के अनुसार मारे गए लोगों में एक ही परिवार के 10 लोग थे.

नैटो के बयान में कहा गया है कि उन्होंने जो दो रॉकेट छोड़े थे उससे 12 नागरिकों की मौत हुई है.

जनरल मैक्रिस्टल का कहना था, ‘‘ हमें अफ़सोस है कि इस अभियान में आम लोग मारे गए. हम कोशिश कर रहे हैं कि ऐसा भविष्य में न हो.’’

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