अभियान का पहला चरण सफल

नैटो सैनिक
Image caption नैटो के मुताबिक लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं.

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ शुरू सैनिक अभियान का पहला चरण सफल रहा है.

अभियान के पहले चरण में हेलमंद प्रांत के दो ज़िलों मरजाह और नाद अली में कार्रवाई की गई. इसमें नैटो, अमरीका और अफ़ग़ानिस्तान के 15 हज़ार से ज़्यादा सैनिकों ने हिस्सा लिया.

नैटो के मुताबिक शनिवार को सेना ने दोनों ज़िलों के भीतरी हिस्सों में नियंत्रण बना लिया. अधिकारियों के मुताबिक मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिया गया है.

इस अभियान में एक ब्रितानी समेत नैटो के दो सैनिक मारे गए हैं. अफ़ग़ान सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक लड़ाई में बीस चरमपंथी मारे गए.

वर्ष 2001 में तालेबान की हार के बाद अफ़ग़ानिस्तान में यह सबसे बड़ा सैन्य अभियान है जिसका नाम 'मोशतरक' रखा गया है.

न्यूनतम प्रतिरोध

स्थानीय दारी भाषा में मोशतरक का मतलब होता है, एकजुट रहना.

इस अभियान में चार हज़ार अमरीकी मरीन सैनिक और इतने ही ब्रितानी सैनिकों ने हिस्सा लिया. अंतरराष्ट्रीय सेना को अफ़ग़ान सेना से भी मदद मिली.

अभियान के शुरुआत में हेलीकॉप्टरों के ज़रिए अमरीकी मरीन मरजाह में उतरे. ब्रितानी सैनिक नाद अली ज़िले में उतरे. अभियान में टैकों को भी शामिल किया गया.

मरजाह के पूर्वोत्तर में स्थित चाहे अंजीर को चरमपंथियों से मुक्त कराने के लिए एक हज़ार ब्रितानी सैनिकों को लगाया गया.

मेजर जनरल गॉर्डन मैसेंजर ने लंदन में बताया कि अभियान के दौरान छिटपुट लड़ाई हुई पर तालेबान कहीं भी ज़बर्दस्त चुनौती देने में सफल नहीं रहा.

उन्होंने कहा कि सेना ने अपना लक्ष्य बिना किसी ज़्यादा प्रतिरोध के हासिल कर लिया है.

प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन ने ब्रितानी सैनिकों की भूमिका की प्रशंसा की है.

संबंधित समाचार