तालेबान हिंसा रोकेः करज़ई

हामिद करज़ई
Image caption करज़ई ने एक बार फिर तालेबान से हिंसा छोड़ देने की अपील की है

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने तालेबान लड़ाकों से हथियार डालने और देश के पुनर्निर्माण के प्रयासों में शामिल होने की अपील की है.

अफ़ग़ानिस्तान की संसद के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए करज़ई ने कहा कि तालेबान को हिंसा का रास्ता छोड़ देना चाहिए और अफ़ग़ानिस्तान के पुनर्निर्माण में सहयोग करना चाहिए.

हालाँकि तालेबान पहले भी कई बार करज़ई की इस तरह की अपीलों को ठुकरा चुका है. तालेबान का कहना है कि विदेशी सेनाओं को पहले अफ़ग़ानिस्तान छोड़ना होगा, उसके बाद ही वे किसी तरह की सुलह के लिए तैयार होंगे.

भावुक अपील

करज़ई अपने हाथों में मृत परिजनों के अंगों को इकट्ठा करती आठ साल की एक लड़की की तस्वीर लिए हुए थे. उन्होंने कहा कि तालेबान और सुरक्षा बलों के बीच लड़ाई में बड़ी संख्या में निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं.

करज़ई ने कहा, "हमारे देश को सबसे अधिक ज़रूरत शांति और सुलह की है. ये हमारे देश की सबसे प्रबल इच्छा और राष्ट्रीय ज़रूरत है."

उन्होंने उम्मीद जताई कि नैटो के नेतृत्ववाली अंतरराष्ट्रीय सेना के तरफ़ से ऐसे प्रयास किए जाएंगे ताकि कम से कम निर्दोष लोग निशाना बनें.

नैटो, अमरीकी और अफ़ग़ान सैनिक मिलकर तालेबान चरमपंथियों के ख़िलाफ़ 'मोशतरक' नाम से अभियान चला रहे हैं. वर्ष 2001 में तालेबान की पराजय के बाद अफ़ग़ानिस्तान में ये सबसे बड़ा सैन्य अभियान है.

नैटो के नेतृत्ववाले अभियानों में आम नागरिकों का काफ़ी ध्यान रखा जाता है लेकिन फिर भी इन अभियानों में कई नागरिकों की मौत हो चुकी है.

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