लाहौर में फिर धमाके, कुल 45 की मौत

  • 12 मार्च 2010
हताहत
Image caption भीड़ भरे इलाक़े में हुए हमलों की वजह से बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए

पाकिस्तान के शहर लाहौर के भीड़-भाड़ वाले इलाक़ों में एक के बाद एक कम से कम सात धमाकों ने पूरे शहर को दहला कर रख दिया.

शुक्रवार दिन में कुछ ही देर के अंतराल पर दो आत्मघाती हमले हुए जिनमें कम से कम 45 लोग मारे गए और सौ से ज़्यादा घायल हुए हैं.

मृतकों में छह सैनिक भी हैं.

इन हमलों के बाद राहत और बचाव कार्य अंतिम चरण में था कि फिर अचानक रात नौ बजे के बाद कई जगहों से धमाके की ख़बरें मिलने लगीं. बीबीसी संवाददाता अली सलमान ने बताया कि ये पाँचों धमाके बालटाउन इलाक़े में हुए हैं.

एक के बाद एक फिर पाँच धमाके हुए जिनमें कम से कम तीन लोग घायल हो गए लेकिन किसी की मौत नहीं हुई.

पाकिस्तानी गृह मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि इन हमलों के पीछे प्रतिबंधित संगठनों का हाथ है.

भीषण हमले

Image caption धमाके के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

बीबीसी संवाददाता हफ़ीज चाचड़ ने बताया कि पहला हमला दिन में 12 बज कर 48 मिनट पर हुआ.

आरके बाजार के पास फौजी गाड़ी गुजर रही थी जिसके निकट जाकर आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट कर दिया.

दूसरे हमलावर ने एक और गाड़ी को निशाना बनाया.

विस्फोट इतने भीषण थे कि इमारतों के शीशे टूट गए और आस-पास खड़ी गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गई.

पंजाब प्रांत के पुलिस प्रमुख तारिक डोगर ने कहा है, "हमलों की जांच में अहम तथ्य मिले है. हमलावर पैदल थे. चेहरा मिल गया है दोनों का. तकनीकी सबूत भी मिले हैं."

हमलों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और इसमें सैनिक हेलीकॉप्टरों का सहारा लिया जा रहा है.

ज़िम्मेदारी

पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक का कहना है कि हमलों में प्रतिबंधित संगठन शामिल हैं.

उन्होंने कहा, "फाटा और वज़ीरिस्तान के बाद मुख्य ज़मीन पर हमले की कोशिश कर रहे हैं. मैं इसे सुरक्षा में विफलता नहीं कहूंगा क्योंकि वे गुरिल्ला हमले करते हैं."

इस बीच चरमपंथी संगठन लश्करे झंगवी अल अमनी ने आत्मघाती हमलों की ज़िम्मेदारी स्वीकार की है. संगठन ने बीबीसी को भेजे फैक्स संदेश में कहा है कि ये हमला कबायली इलाक़ों में सैन्य कार्रवाई का जवाब है.

पिछले एक साल में लाहौर में कई घातक विस्फोट हुए हैं. पिछले सोमवार को हुए एक धमाके में 13 लोगों की मौत हुई थी जब ख़ुफ़िया विभाग की एक इमारत धराशाई हो गई थी.

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