जीपी कोइराला नहीं रहे

कोईराला
Image caption कोईराला चार बार नेपाल के प्रधानमंत्री रहे थे.

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और सबसे अनुभवी नेताओं में से एक गिरिजा प्रसाद कोइराला का आज निधन हो गया है.

कोइराला पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रहे थे. आज सुबह उन्हें डायरिया की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

कोइराला के फेफड़ों में निमोनिया की शिकायत थी और उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी. कुछ ही दिनों पहले उन्हें अस्पताल से घर लाया गया था.

भारतीय समयानुसार 11.56 मिनट पर कोईराला ने अंतिम सांस ली. वो 85 वर्ष के थे.

1925 में जन्मे कोइराला चार बार नेपाल के प्रधानमंत्री रहे और नेपाल की राजनीति में उनका दखल बहुत महत्वपूर्ण माना जाता था.

1940 के दशक में यूनियन लीडर के तौर पर राजनीति में आए कोइराला कई बार जेल गए और हमेशा लोकतंत्र की हिमायत करते रहे.

लोकतंत्र का समर्थन करने के लिए उन्हें 1960 के दशक में आठ साल जेल में रहना पडा था.

नेपाल के राजनीतिक दल नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष रहे कोइराला पहली बार 1991 में प्रधानमंत्री बने. इसके बाद वो 1998, 2000 और 2006 में प्रधानमंत्री बने.

2008 तक वो देश के प्रधानमंत्री रहे.

1991 में वो नेपाल के पहले लोकतांत्रिक रुप से चुने गए प्रधानमंत्री थे.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जीपी कोइराला के निधन पर संवेदना संदेश भेजा है. उन्होंने कहा, "कोइराला जी ने अपना पूरा जीवन लोगों के लिए काम करते हुए बिता दिया. वे आम लोगों के नेता थे जिन्होंने अपने कौशल और बुद्धिमता से नेपाल को सही दिशा में संचालित किया."

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