पूछताछ के लिए आवेदन

  • 23 मार्च 2010
क़दीर ख़ान
Image caption क़दीर ख़ान लंबे समय तक नज़रबंद रहे हैं

पाकिस्तान की सरकार ने देश के बहुचर्चित परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान से पूछताछ के लिए अदालत में आवेदन किया है.

अधिकारियों ने इस आवेदन में अब्दुल क़दीर ख़ान के वॉशिंगटन पोस्ट को दिए उस कथित इंटरव्यू का हवाला दिया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था ईरान और इराक़ को परमाणु तकनीक देने के मामले में शामिल थे.

हालाँकि क़दीर ख़ान ने इस तरह के किसी भी इंटरव्यू से इनकार किया है.

पाकिस्तान सरकार ने यह अपील ऐसे समय में की है जब वॉशिंगटन में पाकिस्तान और अमरीकी अधिकारियों के बीच बातचीत होने जा रही है.

ये भी माना जा रहा है कि इसमें अमरीका और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु समझौते पर भी बातचीत हो सकती है.

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफ़ाक़ कयानी और विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी अमरीका पहुँच गए हैं, जहाँ 24 जनवरी को उनकी अमरीकी अधिकारियों से बातचीत होनी है.

लाहौर हाई कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में पाकिस्तान सरकार ने कहा है, "हम इस इंटरव्यू के बारे में डॉक्टर क़दीर ख़ान से पूछताछ करना चाहते हैं. जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में संवेदनशील जानकारियाँ उजागर की हैं."

अपील

सरकार ने अपील में यह भी कहा है कि वह यह जानना चाहती है कि विदेशी समाचार पत्रों को ऐसी सूचनाएँ कौन दे रहा है.

पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि ऐसी सूचनाओं का देश के परमाणु कार्यक्रमों की सुरक्षा पर सीधा असर हो सकता है.

पाकिस्तान सरकार को परेशान करने वाला ये इंटरव्यू 10 और 14 मार्च के वॉशिंगटन पोस्ट के संस्करण में प्रकाशित हुआ है.

हालाँकि अब्दुल क़दीर ख़ान ऐसे किसी भी इंटरव्यू से इनकार करते हैं. पाकिस्तानी मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सारी सूचनाएँ मनगढंत हैं.

पाकिस्तान की अदालत में डॉक्टर क़दीर ख़ान की भी एक याचिका पर सुनवाई हो रही है, जिसमें उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्हें नज़रबंदी से आज़ाद किए जाने के अदालत के फ़ैसले के बावजूद उनकी गतिविधियों को सीमित करने की कोशिश हो रही है.

वर्ष 2004 में डॉक्टर क़दीर ख़ान को हिरासत में लिया गया था. उस समय उन्होंने टेलीविज़न पर ये स्वीकार किया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु कार्यक्रम के प्रसार में वे शामिल थे.

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