क़साब के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर की मांग

क़साब
Image caption क़साब के ख़िलाफ़ भारत में भी मुक़दमा चल रहा है

नवंबर 2008 में मुंबई में हुए हमलों की जाँच के मामले में नया मोड़ आ गया है.

पाकिस्तान ने आमिर अजमल क़साब और फ़हीम अंसारी की गिरफ़्तारी के लिए इंटरपोल का दरवाज़ा खटखटाया है और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग की है.

इन दोनों के ख़िलाफ़ फ़िलहाल भारत में मुक़दमा चल रहा है और दोनों हिरासत में भी हैं. क़साब के ख़िलाफ़ तो सुनवाई पूरी हो गई है और मई में अदालत फ़ैसला भी सुनाने वाली है.

पाकिस्तान के रावलपिंडी में भी 26/11 हमलों की सुनवाई चल रही है. इंटरपोल का दरवाज़ा खटखटाने के बारे में विशेष सरकारी वकील मलिक रब नवाज़ मून ने अदालत में जानकारी दी.

कार्यवाही

इस मामले की जाँच कर रही पाकिस्तान की आतंकवादी निरोधक विशेष अदालत की कार्यवाही 17 अप्रैल तक के लिए स्थगित हो गई है.

अदालत में लश्कर-ए-तैबा के शीर्ष चरमपंथी माने जाने वाले ज़की उर रहमान लखवी के ख़िलाफ़ भी मामला चल रहा है.

रावलपिंडी की विशेष अदालत की कार्यवाही इसलिए स्थगित हुई, क्योंकि अभियोजन पक्ष ने लाहौर हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा समय देने की मांग की थी.

लाहौर हाई कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में सात संदिग्धों के ख़िलाफ़ मामले को क़साब और फ़हीम अंसारी से अलग नहीं किया जा सकता.

अदालत की कार्यवाही के दौरान ही इंटरपोल से संपर्क की बात सामने आई. हालाँकि इस मामले पर बचाव पक्ष का ये कहना था कि क़साब और फ़हीम अंसारी फ़रार नहीं है बल्कि वे भारतीय अधिकारियों के क़ब्ज़े में हैं.

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