अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हमला

टीवी से ली गई फोटो ( एफएपी / दुनिया न्यूज़)
Image caption पेशावर में स्थित अमरीकी वाणिज्य दूतावास के पास धमाका. फोटो ( एफएपी / दुनिया न्यूज़)

पाकिस्तान तालेबान ने पेशावर स्थित अमरीकी वाणिज्य दूतावास पर हमले की ज़िम्मेदारी ली है. इस हमले में सात लोगों की मौत हुई है.

वाणिज्य दूतावास के बाहर एक के बाद एक कई धमाके हुए लेकिन हमलावर वाणिज्य दूतावास के परिसर में घुस पाने में सफल नहीं हुए.

धमाकों के बाद हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच काफ़ी देर तक गोलाबारी होती रही.

तालेबान के प्रवक्ता ने कहा है कि वो अमरीका को अपना दुश्मन मानते हैं और अमरीकी प्रतिष्ठानों पर हमला करना जारी रखेंगे.

इससे पहले संवाद समिति एएफपी ने उत्तर पश्चिम फ्रंटियर प्रांत की सरकार में वरिष्ठ मंत्री बशीर अहमद बिलोर के हवाले से कहा था कि मरने वालों की संख्या छह है.

बिलोर ने कहा, '' हमलावर दो गाड़ियो में आए थे. चरमपंथियों के पास अच्छी खासी मात्रा में हथियार थे. यह बिल्कुल सुनियोजित हमला था. अब स्थिति नियंत्रण में है.''

उनका कहना था कि कुल छह लोग मरे हैं और चरमपंथियों ने अमरीकी वाणिज्य दूतावास में घुसने की कोशिश की थी जिसमें वो सफल नहीं हुए.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जहां धमाके हुए हैं उसके पास बहुत देर तक गोलाबारी होती रही.

यहां हुए धमाके काफ़ी शक्तिशाली थे और धमाकों के बाद बड़ी देर तक काला धुआं शहर के ऊपर दिखाई देता रहा.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुछ इमारतें ध्वस्त भी हुई हैं.

रैली में धमाका

इस हमले से कुछ ही देर पहले पाकिस्तान के लोअर दीर ज़िले में यह हमला उस समय हुआ जब एएनपी अपनी एक रैली कर रहा था.

इन धमाकों में अब तक 25 लोगों के मरने की सूचना है.

रैली का आयोजन पश्तून अवामी नेशनल पार्टी यानी एएनपी ने किया था जो उत्तर पश्चिम फ्रंटियर प्रांत में गठबंधन दलों की अगुआई कर रही है.

एएनपी इस्लामी चरमपंथियों का लगातार विरोध करती रही है और उनकी रैलियों पर अकसर तालेबान लड़ाके हमले करते रहे हैं.

लोअर दीर ज़िले में पिछले कुछ महीनों में तालेबान के ख़िलाफ़ बड़ा अभियान हुआ है.

टीवी रिपोर्टों के अनुसार रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे.

यह रैली उत्तर पश्चिम फ्रंटियर प्रांत का नाम बदलने के अवसर पर आयोजित हो रही थी. इलाके़ का नाम बदल कर अब ख़ैबर पख्तूनखवा हो गया है.